
इंदौर में पुलिस की मुस्तैदी: महज पांच घंटे में अपहृत बच्चों को सकुशल छुड़ाया, युवती समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
(समाचार क्यारी मध्य प्रदेश इंदौर)
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के चलते दो मासूम बच्चों को महज पांच घंटे के भीतर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया गया। इस पूरे मामले में एक युवती सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने बच्चों के परिजनों से मोटी फिरौती की मांग की थी।

घटना इंदौर के लालाराम नगर इलाके की है, जहां गुरुवार रात दो बच्चे अचानक लापता हो गए। दोनों बच्चे पास के गार्डन में क्रिकेट खेल रहे थे, तभी एक युवती उनके पास आई। बताया जा रहा है कि यह युवती पिछले दो-तीन दिनों से उस गार्डन में आ रही थी और बच्चों से जान-पहचान बनाने की कोशिश कर रही थी। धीरे-धीरे उसने बच्चों का भरोसा जीत लिया।
गुरुवार को उसने बच्चों को अपने मोबाइल में पालतू जानवरों की तस्वीरें दिखाईं और उन्हें लालच दिया कि वह उन्हें ऐसे जानवर दिला सकती है। मासूम बच्चे उसकी बातों में आ गए और उसके साथ चल पड़े। इसके बाद युवती बच्चों को गीता भवन क्षेत्र की एक दुकान पर ले गई, जहां उसने उन्हें खाने-पीने की चीजें दिलाईं, ताकि बच्चों को किसी तरह का शक न हो।
इसके बाद वह बच्चों को एक फ्लैट में ले गई, जहां उसके दो अन्य साथी पहले से मौजूद थे। यहां पहुंचने के बाद असली साजिश सामने आई। युवती ने बच्चों के परिजनों को फोन किया और बताया कि उनके बच्चे उसके कब्जे में हैं। बच्चों को सुरक्षित वापस पाने के लिए 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई।
जैसे ही परिजनों को इस बात की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। हालांकि, कुछ देर बाद आरोपियों ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना थोड़ा मुश्किल हो गया।
इसके बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें बच्चों को युवती के साथ जाते हुए देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस को शक था कि आरोपियों को बच्चों के बारे में पहले से जानकारी थी और संभवतः किसी स्थानीय व्यक्ति की भी इसमें भूमिका हो सकती है। इस एंगल पर भी जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने देर रात राजेंद्र नगर क्षेत्र में दबिश दी और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य भूमिका निभाने वाली युवती राधिका बताई जा रही है, जो एक निजी कंपनी में काम करती है। उसके साथ दो युवक भी इस साजिश में शामिल थे। पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा, तो दोनों बच्चे वहां से सकुशल बरामद कर लिए गए।
बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बच्चों को अजनबियों से दूर रहने और उनकी बात




