
बादली में भारतीय भाषाओं से जुड़कर बच्चों ने बढ़ाया ज्ञान, ग्रीष्मकालीन कैंप संपन्न
बच्चों ने भाषा, संस्कृति और ज्ञान का लिया पाठ, समर कैंप संपन्न
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बादली में भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन कैंप का समापन
समाचार क्यारी ,सुनील कुमार, रवि कुमार,
बादली। गांव बादली स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन कैंप का रविवार को उत्साहपूर्वक समापन हुआ। कैंप के अंतिम दिन छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की भाषाओं, संस्कृति, लोक संगीत, वाद्य यंत्रों और कला से जुड़ी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराना तथा उनमें राष्ट्रीय एकता और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करना था।
विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार कैंप के अंतिम दिन विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्राओं को विभिन्न राज्यों के पारंपरिक वाद्य यंत्रों की जानकारी दी गई तथा क्षेत्रीय गीतों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कराई गईं। इसके अलावा पेंटिंग गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और विभिन्न राज्यों की पहचान को चित्रों के जरिए प्रदर्शित किया।
उन्होंने बताया कि कैंप के दौरान छात्राओं को पंजाब, तमिलनाडु, ओडिशा, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों की भाषाओं, बोलियों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने रुचि के साथ इन राज्यों के प्रमुख शब्द, अभिवादन की शैली, लोकगीतों और सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इससे उनमें नई भाषाएं सीखने और अन्य राज्यों की संस्कृति को समझने की उत्सुकता बढ़ी।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी हवा सिंह बादली ने शिरकत की। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अनेक भाषाओं और संस्कृतियों वाला देश है। यहां प्रत्येक राज्य की अपनी अलग पहचान, भाषा और परंपरा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए अन्य राज्यों की भाषाओं और संस्कृति की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई भाषाएं सीखने से न केवल ज्ञान में वृद्धि होती है, बल्कि व्यक्तित्व विकास और संवाद कौशल भी मजबूत होता है।
हवा सिंह बादली ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य में सरकारी नौकरी, उच्च शिक्षा या अन्य किसी कार्य के सिलसिले में देश के विभिन्न हिस्सों में जाने का अवसर मिल सकता है। यदि विद्यार्थी पहले से ही अन्य राज्यों की भाषाओं और संस्कृति की जानकारी रखते हैं तो उन्हें संवाद स्थापित करने और नए वातावरण में स्वयं को ढालने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने वाला सशक्त सेतु भी है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अनुभव भी साझा किए। छात्राओं ने बताया कि कैंप के माध्यम से उन्हें देश के विभिन्न राज्यों की भाषाओं और सांस्कृतिक विशेषताओं को जानने का अवसर मिला, जिससे उनके ज्ञान में वृद्धि हुई है।
समापन अवसर पर प्राचार्य मनोज कुमार ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कैंप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान राकेश कुमार, शिक्षिका पारुल, किरण, रेनू सहित विद्यालय स्टाफ के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।




