हरियाणा

खजाने का झांसा, लाखों की ठगी: अंबाला में तांत्रिक गिरोह ने किसान को बनाया शिकार

हरियाणा के अंबाला जिले से सामने आया एक ताजा मामला समाज में फैले अंधविश्वास और ठगी के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है। यहां एक साधारण किसान को उसके ही घर में दबे खजाने का लालच देकर पांच लोगों के गिरोह ने 14.60 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह घटना न केवल आर्थिक नुकसान की कहानी है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि कैसे योजनाबद्ध तरीके से लोगों को मानसिक रूप से फंसाकर उनका भरोसा जीता जाता है और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाया जाता है।

पीड़ित किसान अजय, जो शहजादपुर क्षेत्र का रहने वाला है, ने अपनी शिकायत में बताया कि जुलाई 2025 में उसकी मुलाकात कुछ अनजान लोगों से हुई थी। शुरुआत में ये लोग सामान्य बातचीत के जरिए उसके करीब आए। उन्होंने बड़ी चालाकी से उसकी सोच, आर्थिक स्थिति और जीवन से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने उसे एक ऐसा सपना दिखाया, जिसने उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया—या यूं कहें कि बर्बाद कर दिया।

आरोपियों ने अजय को बताया कि उसके घर की जमीन के नीचे सोने-चांदी की ईंटें दबी हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे तांत्रिक शक्तियों के जरिए इस खजाने को निकाल सकते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अजय के माथे की लकीरों का हवाला देते हुए कहा कि उसकी किस्मत में अचानक धन लाभ लिखा है और वह बहुत जल्द अमीर बनने वाला है। इन बातों ने अजय के मन में उम्मीद और लालच दोनों को जन्म दिया।

धीरे-धीरे अजय पूरी तरह इन लोगों के प्रभाव में आ गया। आरोपियों ने उसे यह विश्वास दिलाया कि खजाना निकालने के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान करने पड़ेंगे, जिनमें काफी खर्च आता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रक्रिया बीच में रोकी गई या किसी को इसके बारे में बताया गया, तो खजाना हमेशा के लिए गायब हो जाएगा या फिर कोई अनहोनी हो सकती है।

यही डर और लालच अजय को लगातार पैसे देने के लिए मजबूर करता रहा। 13 अगस्त 2025 को आरोपियों ने पहली बार उससे नकदी और चेक के रूप में रकम ली। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में उसे साहा, साढौरा और बिलासपुर जैसे स्थानों पर बुलाया गया। हर बार उसे नई कहानी सुनाई जाती और नए खर्च का हवाला देकर पैसे लिए जाते।

इस पूरी प्रक्रिया में आरोपियों ने कभी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए तो कभी नकद पैसे लेकर कुल 14.60 लाख रुपये ऐंठ लिए। अजय को हर बार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि खजाना निकलने ही वाला है और बस आखिरी चरण बाकी है। वह इस उम्मीद में लगातार पैसे देता रहा कि एक दिन उसे कई गुना ज्यादा धन मिल जाएगा।

लेकिन ठगी का असली चेहरा तब सामने आया, जब आरोपियों ने उसे एक मिट्टी का बर्तन सौंपा। उस बर्तन में लाल कपड़े में लिपटे कुछ सिक्के रखे थे। उन्होंने दावा किया कि यह उसी खजाने का हिस्सा है, जिसे उन्होंने जमीन से निकाला है। अजय ने जब उन सिक्कों की जांच कराई, तो वे नकली निकले।

यह जानकर अजय के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे एहसास हुआ कि वह एक बड़े धोखे का शिकार हो चुका है। जब उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी से डरे अजय ने कुछ समय तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन अंततः उसने पुलिस का सहारा लेने का फैसला किया।

शहजादपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें यमुनानगर के अली अहमद और अब्दुल वाजिद, सहारनपुर के जाकिर खान, उसकी पत्नी अंजुम और एक अन्य आरोपी अली मलिक शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।

यह घटना केवल एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करती है। आज भी कई लोग तंत्र-मंत्र, जादू-टोना और छिपे खजाने जैसी बातों पर विश्वास कर लेते हैं। इसी विश्वास का फायदा उठाकर ठग ऐसे अपराधों को अंजाम देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सबसे जरूरी है जागरूकता और तार्किक सोच। किसी भी व्यक्ति के ऐसे दावों पर भरोसा करना कि वह अलौकिक शक्तियों से धन दिला सकता है, बेहद खतरनाक हो सकता है। लोगों को समझना होगा कि मेहनत और ईमानदारी के अलावा कोई शॉर्टकट स्थायी सफलता नहीं दे सकता।

साथ ही, समाज और परिवार की भूमिका भी अहम है। अगर कोई व्यक्ति इस तरह के जाल में फंसता नजर आए, तो उसे समय रहते सचेत करना जरूरी है। कई बार लोग शर्म या डर के कारण अपनी बात किसी से साझा नहीं करते, जिससे ठगों को और मौका मिल जाता है।

प्रशासन को भी ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने चाहिए। स्कूलों, गांवों और शहरों में इस तरह की ठगी के खिलाफ जागरूकता फैलाना जरूरी है, ताकि लोग इन जालसाजों से बच सकें।

अंत में, अंबाला की यह घटना एक चेतावनी है कि अंधविश्वास और लालच का परिणाम हमेशा नुकसान ही होता है। हमें अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आने से बचना चाहिए। तभी हम अपने आप को और अपने समाज को इस तरह के अपराधों से सुरक्षित रख सकते हैं।

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