
पेट्रोल भरवाने निकले थे, लौटे नहीं: करनाल में अज्ञात वाहन की टक्कर से मजदूर की मौत, जांच में जुटी पुलिस
समाचार क्यारी (हरियाणा, करनाल)
हरियाणा के करनाल जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक साधारण सी जरूरत के लिए घर से निकले व्यक्ति की जिंदगी कुछ ही घंटों में खत्म हो गई। बाइक में पेट्रोल डलवाने के लिए निकले 52 वर्षीय मजदूर की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बनकर सामने आया है, बल्कि सड़क सुरक्षा और हिट-एंड-रन जैसी घटनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है

यह घटना मूनक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाल राजपूताना गांव के पास रविवार देर रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान रणधीर सिंह के रूप में हुई है, जो पानीपत रिफाइनरी में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, रविवार की रात वह घर से यह कहकर निकले थे कि बाइक में पेट्रोल खत्म हो रहा है और वह पास के पाढ़ा गांव की ओर पेट्रोल भरवाने जा रहे हैं। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
रात बीतती गई, लेकिन रणधीर सिंह घर वापस नहीं लौटे। शुरू में परिजनों ने सोचा कि शायद किसी काम में देर हो गई होगी, लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता गया, चिंता बढ़ती गई। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पूरी रात परिवार चिंता और बेचैनी में गुजारता रहा।
सोमवार सुबह गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि गांव के पास स्थित एक कॉलोनी के नजदीक सड़क किनारे एक गड्ढे में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। यह खबर सुनते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान रणधीर सिंह के रूप में की। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था—सड़क किनारे गड्ढे में पड़ा शव, पास में टूटी-फूटी बाइक और आसपास बिखरे हुए किसी अन्य वाहन के हिस्से।
घटनास्थल की स्थिति देखकर यह साफ हो गया कि यह एक गंभीर सड़क हादसा था। माना जा रहा है कि किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी और चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। हादसे में रणधीर सिंह को सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं, जो उनकी मौत का कारण बनीं।
मृतक के भाई जयवीर ने बताया कि रणधीर सिंह परिवार के मुख्य कमाने वाले थे। उनकी मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। घर में मातम का माहौल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी सजा दी जाए।
घटना की सूचना मिलते ही मूनक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे में शामिल वाहन की पहचान की जा सके।
पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने सहित अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, हिट-एंड-रन मामलों में आरोपी तक पहुंचना कई बार मुश्किल होता है, क्योंकि चालक घटना के बाद मौके से फरार हो जाता है और प्रत्यक्षदर्शियों की कमी होती है।
यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही की एक और मिसाल बनकर सामने आया है। खासकर रात के समय जब सड़कों पर ट्रैफिक कम होता है, कई वाहन चालक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और नियमों की अनदेखी करते हैं। यही लापरवाही कई बार घातक साबित होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्त ट्रैफिक नियमों के साथ-साथ लोगों में जागरूकता भी जरूरी है। हेलमेट पहनना, गति सीमा का पालन करना और सतर्कता से वाहन चलाना जैसे छोटे-छोटे कदम भी बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।
ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता की कमी एक बड़ी चुनौती है। कई बार सड़कें संकरी होती हैं, रोशनी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होती और ट्रैफिक नियमों का पालन भी ढीला होता है। ऐसे में हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
रणधीर सिंह की मौत केवल एक व्यक्ति की जान जाने का मामला नहीं है, बल्कि यह एक परिवार के भविष्य पर भी गहरा असर डालने वाली घटना है। एक मजदूर, जो रोज मेहनत कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, अब इस दुनिया में नहीं है। उसके जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
गांव के लोगों ने इस घटना पर दुख जताया है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए और रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए।
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि सड़क पर हमारी जिम्मेदारी कितनी बड़ी है। हर वाहन चालक को यह समझना होगा कि उसकी एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन इस घटना से सबक लेते हुए हमें अपनी आदतों में सुधार लाना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
आखिरकार, यह केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है—सड़क पर सावधानी ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है।




