
फतेहाबाद हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: तीन वाहनों की टक्कर में मां-बेटे की मौत, पांच घायल
हरियाणा के हरियाणा के फतेहाबाद जिले में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। नेशनल हाईवे पर हुए इस हादसे में तीन वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।

यह हादसा गांव धांगड़ के पास उस समय हुआ, जब शाम करीब सात बजे हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां इन दिनों सड़क की मरम्मत का काम चल रहा है। इसी कारण हाईवे को अस्थायी रूप से वनवे कर दिया गया था, जिससे वाहनों का दबाव एक ही लेन पर आ गया था।
बताया जा रहा है कि हिसार की ओर से आ रही एक कार के आगे एक पिकअप वाहन चल रहा था। अचानक पिकअप चालक ने ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रही कार उससे टकरा गई। इसी बीच पीछे से आ रही एक ट्रैवलर गाड़ी भी समय रहते नहीं रुक पाई और उसने कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस तरह तीनों वाहन एक के बाद एक टकराते चले गए और हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।
इस भीषण टक्कर में कार में सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायलों को गाड़ियों से बाहर निकाला और एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद कार सवार अमर सिंह (22) और उनकी मां निर्मला (50), जो बठिंडा के पक्का कलां गांव के निवासी थे, को मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
अन्य घायलों में हरप्रीत, पूजा और दो अन्य लोग शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं और किसी काम से यात्रा कर रहे थे।
वहीं, पिकअप वाहन का चालक भी इस हादसे में फंस गया था, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। उसकी पहचान हिसार निवासी सुभाष के रूप में हुई है। उसे भी नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अग्रोहा रेफर कर दिया गया।
ट्रेवलर गाड़ी के चालक और परिचालक को इस हादसे में मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के मुताबिक, यह ट्रैवलर पंजाब से दिल्ली एयरपोर्ट की ओर जा रही थी और उसमें सवार यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य किया गया।
सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई और सड़क से वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर चल रहे मरम्मत कार्य और वनवे व्यवस्था के कारण यह हादसा हुआ। साथ ही पिकअप चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहे वाहनों को संभलने का मौका नहीं मिला और यह श्रृंखलाबद्ध टक्कर हो गई।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए जाते। यदि समय रहते उचित संकेतक, स्पीड लिमिट और ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था की जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर अक्सर मरम्मत कार्य के दौरान अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से मां-बेटे को हमेशा के लिए छीन लिया और कई लोगों को घायल कर दिया। अब जरूरत है कि प्रशासन और आम लोग मिलकर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें, ताकि ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।




