
भरोसे का बहाना बना दरिंदगी का जरिया: रंजीत नगर में बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म, 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
समाचार क्यारी (दिल्ली)
राजधानी नई दिल्ली के मध्य जिले से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर दरिंदगी की गई। रंजीत नगर इलाके में घटी इस वारदात ने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि अपराधी किस तरह मामूली बहाने का इस्तेमाल कर बड़े अपराध को अंजाम दे सकते हैं।

पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय आरोपी ने पहले पानी मांगने के बहाने पीड़िता के घर की रेकी की और फिर अगले ही दिन मौका पाकर जबरन घर में घुस गया। इसके बाद उसने महिला के साथ मारपीट की और फिर दुष्कर्म जैसी घृणित वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
यह मामला 11 अप्रैल को सामने आया, जब रंजीत नगर थाना पुलिस को एक पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि एक बुजुर्ग महिला के साथ घर में मारपीट हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए एसवीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जांच में मामला केवल मारपीट का लग रहा था, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, अगले ही दिन इस केस ने नया मोड़ ले लिया, जब पीड़िता की बेटी थाने पहुंची और उसने खुलासा किया कि उसकी मां के साथ दुष्कर्म भी किया गया है।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत पीड़िता की दोबारा मेडिकल जांच कराई। रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद मामले में गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं और जांच को तेज कर दिया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसने आरोपी को पहली बार 9 अप्रैल को देखा था, जब वह पानी मांगने के बहाने उसके घर आया था।
उस समय महिला ने उसे पानी पिलाया और वह चला गया। लेकिन अगले ही दिन आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए घर में जबरन प्रवेश किया और वारदात को अंजाम दिया। यह बात इस घटना को और भी गंभीर बना देती है, क्योंकि इसमें विश्वास का दुरुपयोग किया गया।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच तेज कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति को घटना के समय पीड़िता के घर में जाते हुए देखा गया।
इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसकी तलाश शुरू कर दी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 14 अप्रैल को पांडव नगर इलाके से आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बलजीत नगर निवासी के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है और उसने यह अपराध पूरी योजना के तहत किया है। यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं था, बल्कि पहले से की गई रेकी और योजना का परिणाम था।
इस घटना ने समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। खासकर अकेले रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह घटना एक बड़ा चेतावनी संकेत है। लोग अब यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर अपने ही घर में कोई कितना सुरक्षित है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। पुलिस ने भी लोगों को आश्वस्त किया है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए और अनजान व्यक्तियों को घर में प्रवेश देने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतनी चाहिए।
इसके अलावा, पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें और अपने आसपास के वातावरण पर नजर रखें। बुजुर्गों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने की भी जरूरत है, जैसे कि सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा अलार्म और पड़ोसियों के साथ बेहतर संपर्क।
अंत में, यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को भी सतर्क रहना होगा। तभी हम एक सुरक्षित और संवेदनशील समाज की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।




