हरियाणा

स्टडी वीजा के नाम पर बड़ा धोखा, शिक्षक से 12 लाख की ठगी करने वाला एजेंट गिरफ्तार

समाचार क्यारी (हरियाणा, कुरुक्षेत्र)

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर एक बड़े फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां एक एजेंट ने स्टडी वीजा के बहाने एक शिक्षक से करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी एजेंट नीरज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करनाल जिले के निसिंग का रहने वाला है और हैरानी की बात यह है कि उसके पिता और शिकायतकर्ता एक ही स्कूल में शिक्षक हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र के हरिनगर निवासी चंदगी राम ने अपने बेटे तुषार को पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजने का सपना देखा था। इसी सिलसिले में वह सही एजेंट की तलाश कर रहे थे। इस दौरान उनके परिचित सतीश कुमार ने अपने बेटे नीरज वर्मा का नाम सुझाया, जो वीजा और विदेश भेजने के काम से जुड़ा हुआ था। सतीश ने अपने बेटे के ऑफिस का पता और मोबाइल नंबर भी चंदगी राम को उपलब्ध कराया, जिससे उन्हें भरोसा हो गया।

इसके बाद चंदगी राम अपने बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नीरज वर्मा के ऑफिस पहुंचे। वहां नीरज ने उन्हें अपने असिस्टेंट रीतू से मिलवाया और पूरी प्रक्रिया समझाने का भरोसा दिया। नीरज ने दावा किया कि वह मात्र एक महीने के भीतर स्टडी वीजा लगवा देगा और इसके लिए कुल खर्च लगभग 12 लाख रुपये आएगा।

शुरुआत में नीरज ने फाइल प्रोसेस करने के नाम पर 50 हजार रुपये एडवांस लिए। चंदगी राम ने भरोसा करते हुए यह रकम दे दी। इसके बाद 24 अप्रैल को उन्होंने नीरज के कहने पर 10 लाख 40 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ समय बाद नीरज ने दावा किया कि वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और कुछ अतिरिक्त खर्च के नाम पर पैसे और मांगे।

आरोप के अनुसार, नीरज ने अपनी असिस्टेंट रीतू के बैंक खाते में 1 लाख 12 हजार रुपये और जमा कराने को कहा। चंदगी राम ने इस पर भी भरोसा करते हुए 82,500 रुपये और 30 हजार रुपये गूगल-पे के जरिए ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल मिलाकर करीब 12 लाख रुपये आरोपी को दे दिए गए।

लेकिन इसके बाद स्थिति बदलने लगी। जब चंदगी राम ने वीजा की स्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो नीरज वर्मा टालमटोल करने लगा। वह कभी बहाने बनाता, तो कभी कहता कि प्रक्रिया चल रही है। धीरे-धीरे उसका व्यवहार संदिग्ध होता गया।

शक होने पर जब चंदगी राम ने वीजा से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो नीरज ने कुछ कागजात भेजे, जो बाद में जांच में फर्जी पाए गए। इसके अलावा वीजा फीस जमा कराने का कोई ठोस प्रमाण भी नहीं दिया गया। जब पीड़ित ने अधिक दबाव बनाया, तो आरोपी ने फोन उठाना ही बंद कर दिया।

अपने साथ हुए धोखे को समझते हुए चंदगी राम ने 30 दिसंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान आरोपी ने मामले को सुलझाने के लिए समझौते का प्रस्ताव रखा और एक चेक दिया। लेकिन जब उस चेक को बैंक में लगाया गया, तो वह भी बाउंस हो गया।

आरोप यह भी है कि जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो नीरज वर्मा ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इससे परेशान होकर चंदगी राम ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिटी थानेसर में केस दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की गतिविधियों और लेन-देन के सबूत जुटाए गए। इसके बाद पुलिस ने नीरज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने और किन लोगों के साथ इस तरह की ठगी की है। साथ ही, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है, जिनमें उसकी असिस्टेंट रीतू की भूमिका भी शामिल हो सकती है।

यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि विदेश भेजने के नाम पर होने वाले फ्रॉड कितने आम हो गए हैं। लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बड़े सपने देखते हैं और इसी का फायदा उठाकर ठग उन्हें निशाना बनाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने की प्रक्रिया में हमेशा अधिकृत और विश्वसनीय एजेंटों का ही सहारा लेना चाहिए। किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। साथ ही, सभी भुगतान का रिकॉर्ड रखना और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि करना भी बेहद जरूरी है।

फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा होगा और पीड़ित को न्याय मिल सकेगा।

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