
हरियाणा में 2267 संविदा कर्मचारियों को राहत, सेवा अवधि एक साल बढ़ी
चंडीगढ़ से सामने आए एक अहम फैसले में हरियाणा सरकार ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) में कार्यरत 2267 संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। सरकार ने इन कर्मचारियों के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले इनकी सेवाएं 31 मार्च 2026 को समाप्त होनी थीं, लेकिन अब इन्हें 31 मार्च 2027 तक जारी रखा जाएगा।

इस फैसले के बाद उन हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है, जो पिछले कुछ समय से नौकरी को लेकर असमंजस और चिंता में थे। सेवा समाप्ति की तारीख नजदीक आने के कारण कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था, लेकिन अब सरकार के इस निर्णय ने उनकी चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है।
निगम द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, सेवा विस्तार 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा। इस दौरान कर्मचारी अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अनुसार काम करते रहेंगे। इससे न केवल कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी, बल्कि विभाग के कामकाज में भी किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।
बताया जा रहा है कि यह लाभ मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से तैनात किए गए हैं। इनमें अधिकतर कर्मचारी ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी के हैं। ये कर्मचारी राज्यभर में फैले बिजली सब-स्टेशनों, फील्ड कार्यालयों और पंचकूला स्थित मुख्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बिजली विभाग के लिए इन कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ये रोजमर्रा के संचालन, रखरखाव और तकनीकी कार्यों में योगदान देते हैं। यदि इनकी सेवाएं अचानक समाप्त हो जातीं, तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। ऐसे में सरकार का यह फैसला विभागीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह निर्णय हरियाणा सरकार की 30 जून 2022 को लागू की गई ‘कॉन्ट्रैक्चुअल पर्सन्स पॉलिसी’ के तहत लिया गया है। इस नीति का उद्देश्य विभागों में अनुभवी और प्रशिक्षित कर्मचारियों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही, यह नीति नए कर्मचारियों की भर्ती और प्रशिक्षण में लगने वाले समय और संसाधनों को बचाने में भी मदद करती है।
सेवा विस्तार के बाद कर्मचारियों के बीच खुशी का माहौल है। कई कर्मचारियों ने इसे राहत भरा और सराहनीय कदम बताया है। उनका कहना है कि अब उन्हें कम से कम एक साल का समय मिल गया है, जिससे वे अपने भविष्य की बेहतर योजना बना सकते हैं और आर्थिक रूप से भी स्थिर रह सकते हैं।
हालांकि, कर्मचारियों का एक वर्ग अब भी सरकार से स्थायी नौकरी की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व नहीं मिला है, जिससे असुरक्षा की भावना बनी रहती है। वे चाहते हैं कि सरकार इस दिशा में भी ठोस कदम उठाए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह फैसला काम की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे। साथ ही, यह भी बताया गया कि सेवा विस्तार की अवधि के दौरान कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब गर्मियों का मौसम करीब है और बिजली की मांग बढ़ने वाली है। ऐसे में अनुभवी कर्मचारियों की मौजूदगी विभाग के लिए बेहद जरूरी हो जाती है। इससे बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी और आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह कदम हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। इससे न केवल उनकी नौकरी सुरक्षित हुई है, बल्कि विभागीय कामकाज भी बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में सरकार इन कर्मचारियों के लिए स्थायी समाधान की दिशा में क्या कदम उठाती है।




