चंडीगढ़

चंडीगढ़ में बढ़ी झपटमारी, लोग दहशत में**

समाचार क्यारी (पंजाब, चंडीगढ़)

चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रही झपटमारी और लूटपाट की घटनाओं ने शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा दिन-रात गश्त और नाकेबंदी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बदमाश बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हालात यह हैं कि अब शहर के पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में भी इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

ताजा मामलों में बुजुर्ग महिला, एक स्कूल टीचर और एक रिक्शा चालक को निशाना बनाया गया है। तीनों घटनाएं अलग-अलग जगहों पर हुईं, लेकिन इनका तरीका लगभग एक जैसा था—बदमाश मौके का फायदा उठाकर झपट्टा मारते हैं और कुछ ही सेकंड में फरार हो जाते हैं।

पहली घटना शनिवार रात करीब 8 बजे सेक्टर-33 के पॉश इलाके में सामने आई। यहां एक बुजुर्ग महिला अपने घर के पास टहल रही थीं। तभी एक्टिवा सवार दो युवक उनके पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन पर पीछे बैठे युवक ने अचानक झपट्टा मारकर महिला के कानों से सोने के कुंडल छीन लिए। महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले ही दोनों आरोपी तेज रफ्तार से मुख्य सड़क की ओर भाग निकले।

इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की हरकत साफ तौर पर देखी जा सकती है। फुटेज के अनुसार, यह वारदात रात 7:55 से 8:15 बजे के बीच की है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है और वे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

दूसरी घटना सेक्टर-27 में सामने आई, जहां एक स्कूल टीचर झपटमारी का शिकार बनीं। जानकारी के अनुसार, टीचर कोमल अपने घर लौट रही थीं। वह धोबी से कपड़े लेकर वापस आ रही थीं, तभी स्कूटी पर सवार दो युवक उनके पास आए और अचानक उनकी सोने की चेन और पर्स छीनकर फरार हो गए। यह पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए।

पीड़िता के अनुसार, इस वारदात के बाद वह काफी घबरा गईं और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब दिनदहाड़े भी वारदात करने से नहीं डर रहे हैं।

तीसरी घटना रामदरबार स्थित हाथी पार्क के पास सामने आई, जहां एक रिक्शा चालक को चाकू की नोक पर लूट लिया गया। पीड़ित सोनू, जो मौली जागरां के विकास नगर का निवासी है, ने बताया कि वह दोपहर करीब 2 बजे सवारी छोड़ने के बाद अपने पैसे गिन रहा था। तभी 20-25 साल के दो युवक उसके पास आए और चाकू दिखाकर उससे 1760 रुपए छीन लिए।

सोनू ने बताया कि आरोपियों ने उसे धमकाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि यदि आरोपी सामने आएं, तो वह उन्हें पहचान सकता है। इस मामले में भी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इन लगातार हो रही घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्त और नाकेबंदी के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। खासतौर पर यह चिंता की बात है कि अब बुजुर्ग और महिलाएं भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही शहर में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात भी कही गई है।

हालांकि, आम लोगों का मानना है कि केवल दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक अपराधियों को जल्द पकड़कर सख्त सजा नहीं दी जाएगी, तब तक इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को तकनीकी संसाधनों का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, जैसे कि बेहतर सीसीटीवी नेटवर्क, पेट्रोलिंग की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई। इसके साथ ही लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर रात के समय या सुनसान इलाकों में।

कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में बढ़ती झपटमारी की घटनाएं एक गंभीर समस्या बनती जा रही हैं। यदि समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो यह शहर की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ आम जनता को भी जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और शहर में सुरक्षा का माहौल फिर से स्थापित किया जा सके।

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