
दिल्ली में ‘ठक-ठक’ गैंग का पर्दाफाश: एनआरआई दंपति को बनाया निशाना, लाखों का सामान चोरी, एक आरोपी गिरफ्तार
(समाचा क्यारी दिल्ली)
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर ‘ठक-ठक’ गैंग की सक्रियता सामने आई है, जहां चालाकी और धोखे से लोगों को निशाना बनाकर कीमती सामान लूट लिया जाता है। हाल ही में सामने आए एक मामले में इस गिरोह ने एक एनआरआई दंपति को अपना शिकार बनाया और लाखों रुपये के गहने, विदेशी मुद्रा और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के चलते इस मामले का खुलासा हो गया है और गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह घटना 12 अप्रैल की है, जब एनआरआई दंपति टैक्सी में सवार होकर धौलाकुआं के पास रिंग रोड से गुजर रहे थे। उसी दौरान स्कूटी पर सवार दो युवकों ने उन्हें इशारा करके गाड़ी रुकवाई। दोनों आरोपियों ने खुद को रास्ता भटका हुआ बताते हुए मदद मांगी और बातचीत के बहाने दंपति को अपने झांसे में ले लिया।
गैंग के सदस्यों ने बेहद चालाकी से अपनी योजना को अंजाम दिया। एक आरोपी ड्राइवर की खिड़की के पास खड़ा होकर बातचीत में उलझाए रखता रहा, जबकि दूसरा आरोपी चुपके से गाड़ी के दूसरी तरफ पहुंचा और मौका मिलते ही कीमती बैग उठा लिया। बैग हाथ लगते ही दोनों आरोपी स्कूटी से तेजी से मौके से फरार हो गए।
जब तक पीड़ितों को इस घटना का एहसास हुआ, तब तक आरोपी भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक का फायदा उठाकर काफी दूर निकल चुके थे। चोरी हुए बैग में सोने-चांदी के गहनों के साथ-साथ करीब 3000 कनाडाई डॉलर, भारतीय नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और परमानेंट रेजिडेंट कार्ड भी शामिल थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के लिए आसपास के इलाकों जैसे रिंग रोड, टोडापुर और इंद्रपुरी के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके साथ ही टेक्निकल सर्विलांस और स्थानीय सूत्रों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की गई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी कुणाल को मदनगीर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से ही आठ मामले दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह पेशेवर अपराधी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर लिया। बरामदगी में सोने की अंगूठियां, झुमके, चेन, नथ, चांदी के आभूषण, नकदी और विदेशी मुद्रा शामिल है। इसके अलावा पीड़ितों के महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और कनाडाई परमानेंट रेजिडेंट कार्ड भी सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस एक गिरफ्तारी से दिल्ली कैंट क्षेत्र में हुई चोरी की चार अन्य वारदातों का भी खुलासा हो गया है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ‘ठक-ठक’ गैंग लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।
‘ठक-ठक’ गैंग का तरीका बेहद साधारण लेकिन प्रभावी होता है। ये लोग आमतौर पर गाड़ियों को रोकने के लिए किसी बहाने का इस्तेमाल करते हैं, जैसे रास्ता पूछना, गाड़ी में कोई खराबी बताना या मदद मांगना। जैसे ही चालक या यात्री का ध्यान भटकता है, दूसरा साथी चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता है।
इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासतौर पर वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अनजान लोगों के कहने पर गाड़ी न रोकें और यदि रुकना जरूरी हो तो अपने सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा कीमती सामान को खुली जगह पर रखने से भी बचना चाहिए।
दिल्ली जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन हर बार अपराधियों का तरीका थोड़ा अलग और ज्यादा चालाकी भरा होता जा रहा है। ऐसे में नागरिकों की जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा, जिससे इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सड़क पर चलते समय या यात्रा के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क रहना और अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।




