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गुरुग्राम में नकली ‘मौनजारो’ इंजेक्शन रैकेट का खुलासा: फ्लैट में चल रहा था अवैध कारोबार, दो आरोपी गिरफ्तार

(समाचार क्यारी हरियाणा गुरुग्राम)

हरियाणा के Gurugram में दवा तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की एक पॉश सोसायटी में नकली ‘मौनजारो’ इंजेक्शन बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरोह डायबिटीज और वजन कम करने में इस्तेमाल होने वाले इस इंजेक्शन की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली कि शहर में नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेक्टर-62 स्थित एक सोसायटी में छापा मारा। इस छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी चीन से कच्ची दवाइयां मंगाते थे और उन्हें एक फ्लैट में प्रोसेस कर ‘मौनजारो’ नाम से नकली इंजेक्शन तैयार करते थे। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को इतनी सफाई से अंजाम दिया जा रहा था कि पहली नजर में यह असली उत्पाद जैसा ही लगता था।

जांच में यह भी सामने आया कि तैयार किए गए इंजेक्शनों की पैकेजिंग, बारकोडिंग और लेबलिंग भी उसी फ्लैट में की जाती थी। इसके बाद इन नकली इंजेक्शनों को ऑनलाइन बी2बी प्लेटफॉर्म IndiaMART के जरिए बेचा जाता था। इस माध्यम से ये इंजेक्शन देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किए जा रहे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए Haryana Health Department ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नकली इंजेक्शनों के कुछ बैच नंबर भी चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें सभी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किया गया है ताकि बाजार में उनकी पहचान कर उन्हें जब्त किया जा सके।

इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए मादक द्रव्य नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि उन्हें पहले से ही नकली इंजेक्शनों के कारोबार की सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में कुछ दिन पहले DLF Phase 4 इलाके में एक वाहन से करीब 70 लाख रुपये के इंजेक्शन बरामद किए गए थे। इस बरामदगी के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया गया, जिससे इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ।

पुलिस ने इस मामले में सबसे पहले डिलीवरीमैन मुज्जमिल को गिरफ्तार किया, जो उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। उसके पास से भारी मात्रा में इंजेक्शन बरामद हुए थे। पूछताछ के दौरान उसने मुख्य आरोपी अवि शर्मा का नाम उजागर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। अवि शर्मा गुरुग्राम का ही रहने वाला है और वही इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि नकली इंजेक्शन बनाने के लिए कच्ची दवा में पानी मिलाया जाता था। इसके बाद उसे इंजेक्शन के रूप में पैक कर बाजार में बेचा जाता था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के नकली इंजेक्शन न केवल बेअसर होते हैं, बल्कि ये मरीजों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।

‘मौनजारो’ जैसे इंजेक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए किया जाता है और हाल के समय में इसे वजन घटाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। ऐसे में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर यह गिरोह अवैध कमाई कर रहा था।

दवा विक्रेताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बाजार में नकली दवाओं की बढ़ती मौजूदगी लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। राजेश गोयल नामक एक दवा विक्रेता ने बताया कि जब किसी दवा की मांग अचानक बढ़ती है, तो कुछ लोग उसका गलत फायदा उठाने लगते हैं और नकली उत्पाद बाजार में उतार देते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन नकली इंजेक्शनों की सप्लाई किन-किन राज्यों में की जा रही थी और इस रैकेट में कितने लोग शामिल हैं।

इस घटना ने आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत का संदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी दवा या इंजेक्शन को खरीदते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करनी चाहिए और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही दवाएं खरीदनी चाहिए।

कुल मिलाकर, Gurugram में सामने आया यह मामला न केवल एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लापरवाही किस हद तक खतरनाक हो सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता से इस रैकेट का पर्दाफाश तो हो गया है, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि नकली दवाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान को खतरे में डालने वाले ऐसे अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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