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योगा सेंटर की आड़ में हनी ट्रैप: महिला इंस्ट्रक्टर ने युवक को फंसाकर लाखों की वसूली की

समाचार क्यारी (हरियाणा) पंचकूला

हरियाणा के पंचकूला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला योग इंस्ट्रक्टर पर हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि महिला ने योगा सेंटर की आड़ में पहले युवक को अपने जाल में फंसाया और फिर उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

मामले की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई, जब पंचकूला निवासी एक युवक सेक्टर-21 स्थित एक योगा सेंटर में ट्रेनिंग लेने जाया करता था। यह सेंटर उसी महिला द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसे अब पुलिस ने आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था और युवक नियमित रूप से योगा क्लास अटेंड करता था। लेकिन कुछ समय बाद उसने योगा क्लास छोड़ दी और दोनों के बीच संपर्क भी कम हो गया।

हालांकि, कुछ समय पहले महिला ने अचानक युवक से संपर्क किया और आर्थिक मदद की मांग की। उसने अपनी परेशानी का हवाला देते हुए युवक से पैसे मांगे। मानवता के नाते युवक ने उसकी मदद करने का फैसला किया और ऑनलाइन माध्यम से उसे 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन यहीं से एक खतरनाक खेल की शुरुआत हो गई, जिसका अंदाजा युवक को उस समय नहीं था।

पैसे मिलने के बाद महिला ने युवक को मिलने के लिए बुलाया। जब युवक उससे मिलने पहुंचा, तो आरोप है कि महिला ने उसके साथ अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की। इसी दौरान उसने चुपके से युवक की आपत्तिजनक वीडियो बना ली। युवक को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि वह एक साजिश का शिकार हो रहा है।

इसके बाद महिला ने अपने असली इरादे सामने लाए। उसने युवक को वीडियो वायरल करने और उसके परिवार को भेजने की धमकी दी। इस धमकी से घबराकर युवक मानसिक दबाव में आ गया और उसने महिला को पैसे देना शुरू कर दिया। आरोप है कि महिला ने अलग-अलग किश्तों में युवक से करीब 2.71 लाख रुपये ऐंठ लिए।

इतना ही नहीं, आरोपी महिला ने युवक से और पैसे की मांग जारी रखी। उसने करीब 6 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया। लगातार बढ़ती मांग और मानसिक तनाव से परेशान होकर युवक ने आखिरकार पुलिस की शरण लेने का फैसला किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह एक सुनियोजित हनी ट्रैप का मामला है। आरोपी महिला ने पहले युवक को भरोसे में लिया, फिर उसे जाल में फंसाकर वीडियो बनाई और बाद में उसी के आधार पर उसे ब्लैकमेल किया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-20 थाना में मामला दर्ज किया और आरोपी महिला की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला पंजाब में रह रही है। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें एक आईफोन-17 और वनप्लस जैसे मोबाइल फोन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर वीडियो बनाने और ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया था। पुलिस अब इन डिवाइस की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या महिला ने अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया है।

फिलहाल जांच में यह सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ अभी तक किसी अन्य पीड़ित की शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि कहीं और लोग भी इस गिरोह का शिकार तो नहीं बने हैं। यदि ऐसा होता है, तो मामले की गंभीरता और बढ़ सकती है।

पुलिस ने आरोपी महिला को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही हैं।

यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे कुछ लोग भरोसे और मदद का फायदा उठाकर दूसरों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। खासतौर पर डिजिटल युग में, जहां एक वीडियो या फोटो के जरिए किसी को भी ब्लैकमेल करना आसान हो गया है, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को अनजान या कम जान-पहचान वाले लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। साथ ही, किसी के दबाव में आकर पैसे देने के बजाय कानून की मदद लेना ही सबसे सही कदम होता है।

पंचकूला का यह मामला यह भी दिखाता है कि अपराधी किस तरह नई-नई तरकीबें अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि यदि उनके साथ इस तरह की कोई घटना होती है, तो वे बिना डर के सामने आएं और शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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