
लाडवा ज्वेलर्स लूटकांड—9 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, खौफ में जी रहा परिवार, एसपी से गुहार की तैयारी
समाचार क्यारी (हरियाणा, कुरुक्षेत्र)
लाडवा (कुरुक्षेत्र): हरियाणा के लाडवा कस्बे में ज्वेलर्स की दुकान पर हुई सरेआम लूट की वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। घटना को नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है। इस बीच पीड़ित परिवार लगातार भय के साए में जी रहा है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। परिवार का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए धमकी भरे संदेश भी मिल रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

पीड़ित ज्वेलर सुकल्प सिंगल इस घटना के बाद से शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि वारदात के दौरान बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उन्हें फिलहाल बेड रेस्ट की सलाह दी है। सुकल्प का कहना है कि घटना के बाद से उनका परिवार लगातार डरा हुआ है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि कब तक यह डर बना रहेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पुलिस को घटना से जुड़े सभी जरूरी सबूत, जिनमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल हैं, सौंप दिए हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस स्थिति से निराश होकर अब वह अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिलने की योजना बना रहे हैं, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
घटना 21 अप्रैल की रात करीब 8:50 बजे की है। उस समय सुकल्प सिंगल अपनी दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे और घर जाने वाले थे। इसी दौरान एक नकाबपोश युवक अचानक उनकी दुकान में घुस आया। उसने काले रंग की शर्ट और नेवी ब्लू जींस पहन रखी थी। दुकान में घुसते ही उसने सुकल्प को धक्का दिया और जबरन अंदर के कमरे में ले गया।
जैसे ही सुकल्प कुछ समझ पाते, आरोपी ने उनके माथे पर पिस्तौल तान दी। बंदूक की नोक पर उसने उनसे मारपीट शुरू कर दी और डराने-धमकाने लगा। पीड़ित के अनुसार, बदमाश पहले से पूरी योजना बनाकर आया था और उसे दुकान की पूरी जानकारी थी।
बदमाश ने गन प्वाइंट पर सुकल्प के हाथों से सोने और हीरे की दो अंगूठियां उतरवा लीं। इसके अलावा उसने उनकी जेब से पर्स भी निकाल लिया, जिसमें करीब दो हजार रुपये नकद थे। पीड़ित ने बताया कि डायमंड की एक अंगूठी काफी कीमती थी, जो उन्हें सगाई के दौरान मिली थी और उससे उनकी भावनाएं भी जुड़ी थीं।
इस वारदात में बदमाश अकेला नहीं था। पीड़ित के अनुसार, उसका एक साथी दुकान के बाहर गली में बाइक पर खड़ा था। उसने भी अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। जैसे ही अंदर मौजूद बदमाश ने लूटपाट पूरी की, वह बाहर निकला और दोनों आरोपी बाइक पर बैठकर तेजी से मेन बाजार की ओर फरार हो गए।
इस पूरी घटना से यह साफ होता है कि बदमाशों ने पहले से रेकी की थी। उन्होंने सही समय का इंतजार किया, जब दुकान बंद होने वाली थी और आसपास लोगों की आवाजाही कम थी। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी बाइक का नंबर पता लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इतनी गंभीर वारदात के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी नजर आ रही है। उनका आरोप है कि अगर समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे दोबारा भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
परिवार ने यह भी दावा किया है कि उन्हें सोशल मीडिया पर धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं। हालांकि, इन संदेशों की सत्यता की जांच अभी की जा रही है, लेकिन इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत है।
इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है। ज्वेलर्स और अन्य दुकानदारों का कहना है कि अगर दिनदहाड़े या शाम के समय इस तरह की वारदात हो सकती है, तो उनकी सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। उन्होंने पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीमों को विभिन्न दिशाओं में लगाया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और चाहता है कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़कर सख्त सजा दी जाए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों में व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।
लाडवा का यह ज्वेलर्स लूटकांड न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई इस मामले में कितना असर दिखाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




