हरियाणा

लड़की बनकर ठगी करता था गैंग—फरीदाबाद पुलिस ने जयपुर से पकड़ा सेक्सटॉर्शन रैकेट

समाचार क्यारी (हरियाणा, फरीदाबाद)

हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गिरोह लोगों को लड़की बनकर फंसाता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था। इस पूरे मामले में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गैंग के सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को राजस्थान के जयपुर से पकड़ा गया है, जहां वे एक सोसाइटी में छिपकर इस अवैध धंधे को चला रहे थे।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य आरोपी 27 वर्षीय भगवान सिंह है, जो पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। उसके साथ देवा गुर्जर, बिजेंद्र, धीरज और मनीष नाम के चार अन्य साथी भी इस गिरोह में शामिल थे। सभी आरोपी राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब ओल्ड फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे 20 जनवरी को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उसके खिलाफ अश्लील चैट और धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज होने वाला है। आरोपी ने पीड़ित को डराया कि यदि वह तुरंत पैसे नहीं देगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डर के माहौल में आकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में करीब 45 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसे शक हुआ तो उसने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।

जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर टीम ने 8 मई को जयपुर के जगतपुरा स्थित एक सोसाइटी में छापा मारा। वहां से सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि उनसे और पूछताछ की जा सके।

पूछताछ में जो खुलासे हुए, वे काफी हैरान करने वाले हैं। आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम और टिंडर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लड़की के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इन प्रोफाइल्स पर आकर्षक तस्वीरें लगाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आता, उससे चैटिंग शुरू कर दी जाती थी।

गिरोह के सदस्य पहले सामान्य बातचीत करते थे, फिर धीरे-धीरे बातचीत को अश्लील दिशा में ले जाते थे। इसके बाद वीडियो कॉल या वॉयस कॉल के जरिए पीड़ित को और ज्यादा फंसाया जाता था। खास बात यह थी कि गैंग का सरगना भगवान सिंह खुद लड़की की आवाज निकालकर पीड़ितों से बात करता था, जिससे सामने वाला व्यक्ति पूरी तरह विश्वास कर लेता था कि वह किसी महिला से बात कर रहा है।

जब पीड़ित पूरी तरह जाल में फंस जाता था, तब उसे डराया-धमकाया जाता था। आरोपियों द्वारा कहा जाता था कि उसकी अश्लील चैट या वीडियो वायरल कर दी जाएगी या उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिया जाएगा। इस डर के कारण कई लोग बिना किसी विरोध के पैसे ट्रांसफर कर देते थे।

गिरोह के अन्य सदस्य—देवा गुर्जर, बिजेंद्र और धीरज—ऑनलाइन चैटिंग और लोगों को फंसाने का काम करते थे, जबकि मनीष बैंक खातों की व्यवस्था करता था, जिनमें ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी। इस तरह यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था।

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा है और कितनी रकम वसूली है। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि लोगों को इस तरह के साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से बातचीत करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और किसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो तुरंत उसकी सूचना संबंधित पुलिस स्टेशन में देनी चाहिए।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। तकनीक का गलत इस्तेमाल कर ये अपराधी लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठाते हैं।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही पुलिस यह भी प्रयास कर रही है कि ठगी के शिकार हुए अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें न्याय दिलाया जा सके।

कुल मिलाकर, फरीदाबाद का यह मामला लोगों के लिए एक चेतावनी है कि वे ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। थोड़ी सी सावधानी ही आपको इस तरह की ठगी से बचा सकती है।

Back to top button