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अंबाला के शाहपुर में बनेगा आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग व रिसर्च सेंटर, 11.49 करोड़ की लागत से तैयार होगी नई सुविधा

समाचार क्यारी (हरियाणा, अंबाला)

हरियाणा के Ambala जिले में स्थित Shahpur जल्द ही एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान (आईडीटीआर) और ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की स्थापना की योजना को मंजूरी मिल चुकी है। करीब 11.49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट न केवल सड़क सुरक्षा को नई दिशा देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा।

13 एकड़ भूमि पर बनेगा आधुनिक केंद्र

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शाहपुर में लगभग 13 एकड़ से अधिक भूमि पर इस संस्थान का निर्माण किया जाएगा। यह केंद्र पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित होगा, जहां ड्राइविंग प्रशिक्षण को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ाकर पेशेवर स्तर तक ले जाया जाएगा।

परिवहन मंत्री Anil Vij ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना पर जल्द ही काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल ड्राइविंग सिखाना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित और जिम्मेदार ड्राइवर तैयार करना है, जो सड़क सुरक्षा के मानकों को समझते हों।

अत्याधुनिक तकनीक से मिलेगा प्रशिक्षण

इस संस्थान की सबसे खास बात यह होगी कि यहां ड्राइविंग सिखाने के लिए अत्याधुनिक सिमुलेटर का उपयोग किया जाएगा। ये सिमुलेटर वास्तविक सड़क परिस्थितियों का अनुभव कराएंगे, जिससे प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को बिना किसी जोखिम के कठिन परिस्थितियों में वाहन चलाने का अभ्यास मिल सकेगा।

इसके अलावा, यहां ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक भी बनाए जाएंगे, जहां हल्के और भारी दोनों प्रकार के वाहनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों में ड्राइविंग का अनुभव मिलेगा और उनकी दक्षता में सुधार होगा।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना भी है। आज के समय में सड़क हादसों का एक बड़ा कारण प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी और वाहन फिटनेस की अनदेखी है। ऐसे में यह संस्थान न केवल ड्राइवरों को प्रशिक्षित करेगा, बल्कि वाहनों की तकनीकी जांच के जरिए भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब ड्राइवर बेहतर तरीके से प्रशिक्षित होंगे और वाहन पूरी तरह फिट होंगे, तो सड़क हादसों में स्वतः कमी आएगी।

ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन की खासियत

इस परियोजना के तहत बनने वाला ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) तकनीक के लिहाज से बेहद उन्नत होगा। यहां वाहनों की जांच पूरी तरह मशीनों के जरिए की जाएगी, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना खत्म हो जाएगी।

इस केंद्र में हर हफ्ते करीब 300 वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकेगी। जांच के बाद जारी किया गया प्रमाण पत्र पूरे देश में मान्य होगा, जिससे वाहन मालिकों को किसी अन्य जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अनफिट वाहनों पर लगेगी रोक

एटीएस के माध्यम से उन वाहनों की पहचान की जाएगी, जो सड़क पर चलने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे वाहनों को सड़क पर उतरने से रोका जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी।

यह पहल खासतौर पर उन पुराने और खराब वाहनों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जो अक्सर हादसों का कारण बनते हैं।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

इस परियोजना का एक बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलने वाला है। संस्थान के निर्माण और संचालन के दौरान सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

ड्राइविंग ट्रेनर, तकनीकी स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारी और अन्य सहायक सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी। इसके अलावा, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा भी बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकेंगे।

कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

आज के समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल भी उतना ही जरूरी है। इस संस्थान के माध्यम से युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

Anil Vij ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को ऐसा हुनर देना है, जिससे उन्हें रोजगार के लिए भटकना न पड़े। इस दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

आसपास के जिलों को भी होगा लाभ

इस संस्थान का लाभ केवल अंबाला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के जिलों के युवाओं को भी इसका फायदा मिलेगा। इससे पूरे क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

साथ ही, वाहन मालिकों को भी अपने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

तकनीक और पारदर्शिता का संगम

इस केंद्र में सभी प्रक्रियाएं तकनीक के माध्यम से संचालित होंगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। वाहन जांच और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी।

सरकार की दीर्घकालिक योजना

हरियाणा सरकार का उद्देश्य राज्य में परिवहन सुविधाओं को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है। इस दिशा में लगातार नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

शाहपुर में बनने वाला यह केंद्र इसी रणनीति का हिस्सा है, जो आने वाले समय में राज्य के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

निष्कर्ष: विकास, सुरक्षा और रोजगार का संगम

अंबाला के शाहपुर में बनने वाला ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि विकास, सुरक्षा और रोजगार का संगम होगा। यह परियोजना न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अगर यह योजना समय पर और सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में यह केंद्र हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है।

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