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चीका में गोलियों की गूंज: मोबाइल शॉप पर हमले से सहमा कैथल, शादी से पहले व्यापारी परिवार पर संकट के बादल

समाचार क्यारी (हरियाणा, कैथल)

हरियाणा के कैथल जिले के चीका कस्बे में शनिवार की शाम अचानक गोलियों की आवाज से सन्नाटा टूट गया। चानना अस्पताल रोड पर स्थित एक मोबाइल शॉप पर बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना इतनी तेजी से हुई कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने न केवल स्थानीय व्यापारियों को डरा दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे दो युवक एक बाइक पर सवार होकर आए। दोनों ने अपने चेहरे कपड़े से ढंके हुए थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे। उन्होंने दुकान के सामने बाइक रोकी और बिना किसी बातचीत या चेतावनी के सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने तीन से चार राउंड फायर किए, जिनमें से कई गोलियां दुकान के शीशों को तोड़ते हुए अंदर तक चली गईं।

सबसे राहत की बात यह रही कि उस समय दुकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था। यदि उस वक्त कोई कर्मचारी या ग्राहक वहां होता, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। दुकान के अंदर और बाहर से गोलियों के खोल बरामद हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे।

फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबरा गए। कुछ दुकानदारों ने तुरंत अपनी दुकानें बंद कर दीं, जबकि राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर खुद को बचाया। कुछ ही देर में पूरा बाजार इस घटना की चर्चा से गूंजने लगा और लोगों में डर का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। डीएसपी गुहला कुलदीप बैनीवाल ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ चीका थाना पुलिस और सीआईए की टीमें भी मौजूद थीं। पुलिस ने मौके को घेरकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में साफ देखा गया कि दोनों हमलावर बाइक पर आए और कुछ ही सेकंड में फायरिंग कर मौके से भाग निकले। हालांकि, उनके चेहरे ढंके होने के कारण उनकी पहचान करना फिलहाल मुश्किल बना हुआ है।

दुकान मालिक अमन के पिता सतीश कुमार ने घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पिछले दो वर्षों से इस दुकान को चला रहा है और उसने अपने दम पर कारोबार को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अमन की 26 अप्रैल को शादी होने वाली है और वह इन दिनों शादी की तैयारियों में व्यस्त है।

घटना वाले दिन अमन शहर से बाहर खरीदारी करने गया हुआ था। दुकान पर उसका कर्मचारी रमन शर्मा मौजूद था, लेकिन वह भी कुछ देर के लिए बाहर चला गया था। इस वजह से दुकान खाली थी और एक बड़ा हादसा टल गया। सतीश कुमार ने कहा कि उनके बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, ऐसे में यह हमला क्यों किया गया, यह समझ से परे है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों में सीआईए, एसडीयू, चीका थाना पुलिस और साइबर सेल को शामिल किया गया है। सभी टीमों को अलग-अलग दिशा में जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर दी है और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इसके अलावा अन्य जिलों की पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि आरोपी कहीं भाग न सकें। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

डीएसपी कुलदीप बैनीवाल ने कहा कि अभी तक फायरिंग के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस हर संभावित एंगल पर जांच कर रही है, जिसमें आपसी रंजिश, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा या डराने-धमकाने की कोशिश शामिल हो सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि अगर ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फायरिंग अक्सर किसी को चेतावनी देने या दबाव बनाने के उद्देश्य से की जाती है। हालांकि, यह भी संभव है कि इसके पीछे कोई व्यक्तिगत कारण हो, जो अभी सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच के बाद ही इस मामले की सच्चाई सामने आएगी।

फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है। सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अपराधी किस हद तक बेखौफ हो चुके हैं। दिनदहाड़े इस तरह की वारदात को अंजाम देना पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है। ऐसे में सख्त कार्रवाई और सतर्कता ही ऐसे मामलों को रोकने का एकमात्र उपाय है।

अब पूरे इलाके की नजरें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और इस घटना के पीछे की असली वजह सामने आएगी, ताकि इलाके में फिर से शांति और सुरक्षा का माहौल स्थापित हो सके।

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