
करनाल में रफ्तार का कहर: डंपर की टक्कर से गर्भवती महिला और अजन्मे शिशु की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
समाचार क्यारी (हरियाणा, करनाल)
करनाल। हरियाणा के करनाल जिले में इंद्री रोड पर हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा इंसानियत को झकझोर देने वाला साबित हुआ। दरड़ गांव के चौक के पास तेज रफ्तार से आ रहे बजरी से भरे डंपर ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें सवार नौ माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। हादसे में उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी जान चली गई, जबकि साथ सवार उसकी सास और जेठ गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने एक खुशहाल परिवार को पल भर में मातम में बदल दिया।

मृतका की पहचान संगोही गांव निवासी 32 वर्षीय उमा देवी के रूप में हुई है। वह पहले से एक डेढ़ साल की बच्ची की मां थीं और दूसरी बार मां बनने वाली थीं। परिवार के अनुसार, डॉक्टरों ने डिलीवरी के लिए महज दो दिन का समय दिया था। घर में नए मेहमान के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे उमा देवी अपनी सास नारो देवी और जेठ राजेश के साथ बाइक पर अस्पताल जा रही थीं। उन्हें नियमित जांच के लिए जाना था, ताकि प्रसव की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके। जैसे ही वे दरड़ गांव के चौक के पास पहुंचे, पीछे से तेज गति में आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों दीपक सैनी और सुरेंद्र ने बताया कि डंपर की गति काफी तेज थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण नहीं रखा। हादसे में राजेश और नारो देवी की टांगों के ऊपर से डंपर गुजर गया, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। वहीं उमा देवी का सिर सड़क पर जोर से टकराया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को उठाया और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उमा देवी ने दम तोड़ दिया। यह खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया।
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि उमा देवी के गर्भ में नौ माह का शिशु था, जिसकी भी इस हादसे में मौत हो गई। परिवार जिस बच्चे के स्वागत की तैयारी कर रहा था, वह इस दुनिया में आने से पहले ही चला गया। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
हादसे के बाद डंपर चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर डंपर को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि घायल राजेश के चचेरे भाई सीताराम की शिकायत के आधार पर आरोपी चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर इंद्री रोड की खस्ताहाल यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर यमुनानगर की ओर से आने वाले रेत और बजरी से भरे डंपर अक्सर तेज गति में चलते हैं और यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।
गांव के निवासी जसमेर, साहिल, चमन और अशोक कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर नियमित पुलिस चेकिंग की जाए और ओवरलोड तथा तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे।
यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि लापरवाही और तेज रफ्तार कितनी खतरनाक हो सकती है। खासकर भारी वाहनों के चालकों को अधिक जिम्मेदारी से वाहन चलाना चाहिए, क्योंकि उनकी छोटी सी गलती भी किसी की जान ले सकती है।
उमा देवी की डेढ़ साल की बच्ची अब मां के साये से वंचित हो गई है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ दिनों बाद खुशियों की किलकारियां गूंजने वाली थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। यह घटना हर किसी को भावुक कर देने वाली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए केवल नियम बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस की नियमित निगरानी, स्पीड लिमिट का पालन और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई जैसे कदम उठाने होंगे। साथ ही, लोगों को भी जागरूक करना होगा ताकि वे खुद भी सावधानी बरतें।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह हादसा एक गहरी सीख छोड़ गया है। सड़क पर हर पल सतर्क रहना जरूरी है और नियमों का पालन करना जीवन बचाने का सबसे बड़ा तरीका है। अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, तो ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।




