
अभिभावक से बदसलूकी पर बवाल, प्रिंसिपल की माफी के बाद भी FIR के आदेश
समाचार क्यारी ( उत्तर प्रदेश ) हरदोई
हरदोई में एक निजी विद्यालय में अभिभावक के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया, जिसके बाद प्रशासन, शिक्षा विभाग और छात्र संगठन सभी सक्रिय हो गए। घटना न्यू सनबीम स्कूल की बताई जा रही है, जहां विद्यालय की प्रबंधक ममता मिश्रा का एक अभिभावक से तीखी बहस करते हुए वीडियो सामने आया।

वीडियो में साफ देखा और सुना जा सकता है कि प्रबंधक अभिभावक को “यू शट-अप” कहते हुए चुप रहने और परिसर से बाहर जाने के लिए कह रही हैं। इतना ही नहीं, बच्चे का नाम स्कूल से काटने की धमकी देने का आरोप भी सामने आया। यह वीडियो रविवार को इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजित सिंह ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी। सोमवार को बीएसए स्वयं अपनी टीम के साथ स्कूल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। उन्होंने विद्यालय के अभिलेखों की जांच की, भवन का निरीक्षण किया और छात्रों से भी बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया।
इसी बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गए। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सड़क पर जाम भी लगा दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। उनका आरोप था कि स्कूल प्रबंधन ने अभिभावक के साथ गलत व्यवहार किया है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और जाम खुलवाया। इसके बाद ABVP के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम प्रियंका सिंह को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उधर, शिक्षा विभाग की शुरुआती जांच में विद्यालय में कई खामियां पाई गईं। बीएसए डॉ. अजित सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ प्रशासनिक और संचालन संबंधी अनियमितताएं सामने आई हैं। इन खामियों को गंभीर मानते हुए उन्होंने नगर शिक्षा अधिकारी डीएल राणा को निर्देश दिया कि विद्यालय की प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए।
साथ ही, जांच पूरी होने तक प्रबंधक ममता मिश्रा के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बीएसए ने स्पष्ट किया कि मामले की गहन जांच जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले में प्रबंधक ममता मिश्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वीडियो को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित अभिभावक लगभग तीन घंटे तक स्कूल में मौजूद रहे और इस दौरान उन्होंने भी अभद्र व्यवहार किया। इसी वजह से गुस्से में उन्होंने कुछ कड़े शब्द कह दिए।
ममता मिश्रा ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक मंच से माफी मांग ली है। उनके अनुसार, मामला यहीं समाप्त हो जाना चाहिए था, लेकिन इसे अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए अन्य आरोपों को गलत और निराधार बताया।
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में अभिभावकों के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां स्कूल प्रशासन अनुशासन बनाए रखने की बात करता है, वहीं अभिभावकों का कहना है कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
फिलहाल, पूरे मामले में प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है और जांच प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, इस घटना ने जिले में शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
कुल मिलाकर, हरदोई का यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अभिभावकों के अधिकार, स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।




