
कैथल में तेज रफ्तार का कहर: ड्यूटी पर जा रहे पुलिस जवान को कार ने मारी टक्कर, हालत गंभीर
(समाचार क्यारी हरियणा हरयाणा)
हरियाणा के कैथल जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरे को उजागर कर दिया है। शहर के व्यस्त पार्क रोड पर हुए इस हादसे में एक पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि तेज गति से आ रही एक स्विफ्ट कार ने बाइक सवार पुलिसकर्मी को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद वह सड़क पर बुरी तरह गिर पड़ा और खून से लथपथ हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार, घायल पुलिस जवान की पहचान नरेश कुमार के रूप में हुई है, जो रोहतक की सुनारिया जेल में ईएचसी (एस्कॉर्ट हेड कांस्टेबल) के पद पर तैनात हैं। घटना के समय वह किसी जरूरी काम से पिहोवा चौक की ओर जा रहे थे। रास्ते में पार्क रोड पर अचानक एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नरेश कुमार संतुलन खो बैठे और सड़क पर दूर जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कुछ पल के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल पुलिसकर्मी को संभालने की कोशिश की। नरेश कुमार गंभीर रूप से घायल थे और उनके शरीर से काफी खून बह रहा था। लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। उसने न तो घायल की मदद करने की कोशिश की और न ही रुककर किसी को सूचना दी। इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन लापरवाह ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से ऐसे हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे।
घटना की सूचना मिलते ही शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घायल जवान नरेश कुमार के बयान के आधार पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से कार के रूट का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार पर कब लगाम लगेगी। खासकर शहर के व्यस्त इलाकों में लोग बिना किसी डर के तेज गति से वाहन चला रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और कानून का भय खत्म होता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह के हादसे आगे भी होते रहेंगे और निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।
वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्क रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर कड़ी नजर रखी जाए। इसके अलावा, हिट एंड रन जैसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि दूसरों को भी सबक मिले।
इस हादसे ने न केवल एक पुलिसकर्मी को गंभीर रूप से घायल किया है, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब भी यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही की वजह से लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी।
फिलहाल, नरेश कुमार अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक आरोपी को पकड़कर न्याय दिला पाती है और क्या इस घटना के बाद प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।




