उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पिस्टल छीनकर भागा बदमाश और वांछित गैंगस्टर दोनों गिरफ्तार

(समाचार क्यारी उत्तर प्रदेश मुजफ्फरनगर)

उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar जिले में सोमवार की रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में बड़ी सफलता हाथ लगी। एक ओर जहां पुलिस अभिरक्षा से दारोगा की सरकारी पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश कर रहा आरोपी घायल अवस्था में पकड़ा गया, वहीं दूसरी घटना में 30 से अधिक मुकदमों में वांछित एक गैंगस्टर को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों कार्रवाइयों से इलाके में पुलिस की सक्रियता और सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है।

पहली घटना खतौली क्षेत्र के रतनपुरी इलाके की है, जहां पुलिस हिरासत में लिया गया आरोपी मंजीत उर्फ काला अचानक फरार होने की कोशिश में जुट गया। पुलिस के अनुसार, मंजीत उर्फ काला, जो गांव समौली का रहने वाला है, पहले से ही कई मामलों में वांछित था और उसे सोमवार रात गिरफ्तार किया गया था।

इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत की। उसकी हालत को देखते हुए पुलिस टीम उसे इलाज के लिए बुढ़ाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसने शौचालय जाने की बात कही। पुलिसकर्मियों ने मानवता के आधार पर उसे वाहन से नीचे उतारा, लेकिन आरोपी ने इसी मौके का फायदा उठाकर एक खतरनाक कदम उठा लिया।

जैसे ही उसे नीचे उतारा गया, उसने दारोगा शैलेंद्र को जोरदार धक्का दिया और उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली। इसके बाद वह अंधेरे का फायदा उठाते हुए पास के गेहूं के खेतों की ओर भाग गया और वहीं छिप गया। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल और एसओजी टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने खेतों को चारों ओर से घेर लिया और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। लेकिन मंजीत ने हार मानने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मंडावली बांगर क्षेत्र के पास से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दारोगा से छीनी गई पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद हुए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मंजीत उर्फ काला हाल ही में गांव के एक युवक रिंकू पर फायरिंग की घटना में भी शामिल था, जिसमें रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

दूसरी घटना Mirapur क्षेत्र की है, जहां बीआईटी पुलिस चौकी के पास एक और मुठभेड़ में पुलिस ने एक कुख्यात गैंगस्टर को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाश की पहचान नजर अब्बास के रूप में हुई है, जो लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

जानकारी के अनुसार, बीआईटी चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ ककरोली मार्ग पर नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने रुकने के बजाय अपनी बाइक तेज कर दी और खेतों की ओर भागने लगा।

पुलिस को शक होने पर तुरंत वायरलेस के जरिए सूचना प्रसारित की गई और इंस्पेक्टर राजीव शर्मा के नेतृत्व में अन्य पुलिस बल ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ देखकर आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें नजर अब्बास के पैर में गोली लग गई। वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तमंचा और चोरी की बाइक बरामद की गई।

पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह बाइक एक सप्ताह पहले Saharanpur के थाना जनकपुरी क्षेत्र से चोरी की गई थी। आरोपी नजर अब्बास पर करीब 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह खतौली व जानसठ थानों से गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से वांछित था।

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही सीओ जानसठ रूपाली राव भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल भेजा गया है और उसके आपराधिक नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और वह किन-किन वारदातों में शामिल रहा है।

इन दोनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि Uttar Pradesh Police अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और रणनीति के चलते दोनों ही मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अपराधियों के मन में डर पैदा होता है और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है।

फिलहाल दोनों आरोपियों का इलाज जारी है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में इन मामलों से जुड़े और भी खुलासे होने की संभावना है। इन घटनाओं के जरिए पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि कानून से भागना संभव नहीं है और अपराध करने वालों को जल्द या देर से गिरफ्त में आना ही पड़ता है।

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