उत्तर प्रदेश

खुशियों के बीच फैली दहशत—संभल की शादी में मिठाई बनी जहर, 100 से ज्यादा लोग बीमार

समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश, संभल)

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक शादी समारोह उस वक्त डर और अफरातफरी में बदल गया, जब दावत में शामिल सैकड़ों लोगों में से बड़ी संख्या अचानक बीमार पड़ गई। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की खुशियों पर भारी पड़ी, बल्कि पूरे इलाके के लिए चिंता का कारण बन गई। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि शादी में परोसी गई मिठाई, खासतौर पर लौकी की लॉज, इस सामूहिक बीमारी की वजह बन सकती है।

यह मामला रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुर का है, जहां वीरपाल की बेटी की शादी थी। इस समारोह में करीब 700 लोग शामिल हुए थे, जिनमें रिश्तेदार, गांव के लोग और बराती शामिल थे। ग्रामीण माहौल में पूरे उत्साह के साथ दावत की तैयारी की गई थी। खाने-पीने की सभी चीजें घर पर ही बनाई गई थीं, जिससे लोगों को स्वाद और अपनापन दोनों का अनुभव हो।

मेन्यू में कई व्यंजन थे, लेकिन मिठाई के तौर पर रसगुल्ले और लौकी की लॉज खास आकर्षण का केंद्र थीं। लोगों ने बड़े चाव से इनका सेवन किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह खुशी चिंता में बदल गई। रात करीब एक बजे के बाद कई लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।

शुरुआत में कुछ लोगों ने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन जैसे-जैसे रात बीतती गई, बीमार होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ती गई। सुबह तक गांव के करीब 50 लोग गंभीर रूप से बीमार हो चुके थे। कई लोगों को तुरंत इलाज के लिए आसपास के निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ा, जहां उन्हें ड्रिप चढ़ाई गई और दवाइयां दी गईं।

स्थिति और गंभीर तब हो गई, जब यह पता चला कि बरात में शामिल सिंघौला दौलतसिंह गांव के करीब 30 लोग भी बीमार हो गए हैं। इसके अलावा अन्य रिश्तेदार, जो शादी में शामिल होकर अपने घर लौट गए थे, वे भी रास्ते में या घर पहुंचने के बाद बीमार पड़ गए। इस तरह कुल मिलाकर 100 से अधिक लोग इस घटना से प्रभावित हुए।

गांव में एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया। लोग अपने-अपने परिजनों को लेकर इधर-उधर इलाज के लिए दौड़ने लगे। अस्पतालों में अचानक भीड़ बढ़ गई और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया। कई लोगों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें तुरंत भर्ती करना पड़ा।

पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने रात करीब 12 बजे शादी का खाना और मिठाई खाई थी। कुछ ही घंटों बाद उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी और फिर उल्टी-दस्त शुरू हो गए। एक महिला ने बताया कि रात दो बजे के आसपास उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों ने बीमार लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि उन्होंने क्या-क्या खाया था।

ज्यादातर लोगों ने बताया कि उन्होंने लौकी की लॉज खाई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हुई। इसके आधार पर टीम ने इस मिठाई को शक के दायरे में रखा। जांच के लिए रसगुल्ले और लौकी की लॉज के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें लैब में भेजा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि मिठाई में किसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

यह घटना एक बार फिर से खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर गर्मियों के मौसम में खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती होती है। मावा और दूध से बनी मिठाइयां जल्दी खराब हो जाती हैं, और अगर उन्हें सही तरीके से नहीं रखा जाए, तो उनमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, फूड पॉइजनिंग की घटनाएं अक्सर खराब या दूषित भोजन के कारण होती हैं। ऐसे में बड़े आयोजनों में विशेष सावधानी बरतनी जरूरी होती है। साफ-सफाई, ताजे खाद्य पदार्थों का उपयोग और सही भंडारण—ये सभी बातें बेहद महत्वपूर्ण हैं।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं अभी भी सीमित हैं। अगर समय पर इलाज न मिलता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करे और प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए।

अंततः यह घटना एक चेतावनी है कि लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। शादी जैसे खुशी के मौके पर हुई यह घटना दुखद जरूर है, लेकिन इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। जरूरी है कि हम सभी खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सतर्क रहें, ताकि खुशियों का माहौल किसी भी तरह की अनहोनी में न बदले।

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