
गवाही बदलने के आरोप में फंसे महेंद्र चावला, 42 लाख बरामद
(समाचार क्यारी हरियाणा पनीपत)
हरियाणा के पानीपत से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां चर्चित आसाराम और नारायण साईं केस के मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला अब खुद कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अब तक कुल 42 लाख रुपये बरामद किए हैं, जबकि मामले में और भी रकम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और गवाहों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति ने पहले एक बड़े केस में अहम गवाही दी थी, वही अब पैसों के लेन-देन के आरोप में जांच के दायरे में है।
पुलिस के अनुसार, महेंद्र चावला से पहले 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे। इसके बाद दो दिन के रिमांड के दौरान उनसे 18 लाख रुपये और बरामद किए गए। इस तरह कुल रकम 42 लाख रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी भी करीब 28 लाख रुपये और बाकी हैं, जो उनके दूसरे भतीजे के पास होने की बात सामने आई है।
इस मामले में पुलिस लगातार दबिश दे रही है और फरार भतीजे की तलाश जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही वह पकड़ा जाएगा, मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
महेंद्र चावला को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब इस मामले की आगे की जांच जेल से ही जारी रहेगी।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में 18 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए महेंद्र चावला के साथ उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को भी गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ चांदनी बाग थाना में मामला दर्ज किया गया था।
यह एफआईआर सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि महेंद्र चावला ने एक पुराने केस में गवाही बदलने के नाम पर बड़ी रकम ली थी।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि महेंद्र चावला ने इस केस में गवाही से पलटने के लिए 70 लाख रुपये लिए थे। इतना ही नहीं, बाद में उन्होंने 80 लाख रुपये की मांग भी की थी।
पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद तीनों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। इस दौरान उनसे पूछताछ की गई और कई अहम सुराग जुटाए गए। इसी दौरान 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे।
इसके बाद वीरवार को तीनों को दोबारा अदालत में पेश किया गया। अदालत ने देवेंद्र चावला और राम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेंद्र चावला को दो दिन के अतिरिक्त रिमांड पर भेजा गया था। इसी रिमांड के दौरान 18 लाख रुपये और बरामद किए गए।
इस मामले की जांच कर रही पुलिस टीम का कहना है कि पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस लेन-देन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पैसे का स्रोत क्या है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गवाहों की विश्वसनीयता कितनी महत्वपूर्ण होती है। खासकर ऐसे मामलों में, जो पहले से ही संवेदनशील और चर्चित हों।
स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। लोग हैरान हैं कि एक बड़े केस का गवाह इस तरह के आरोपों में कैसे फंस सकता है। वहीं, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि पुलिस की कार्रवाई से सच्चाई सामने आएगी।
फिलहाल, पुलिस फरार भतीजे की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और बाकी रकम भी बरामद कर ली जाएगी।
इस पूरे मामले में आगे क्या खुलासा होता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि महेंद्र चावला के खिलाफ मामला गंभीर होता जा रहा है और कानूनी प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है।




