उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में बुलेट से पटाखे जैसी आवाज पर सख्ती, आरसी होगी रद्द और डीलरों पर भारी जुर्माना

(समाचार क्यारी उत्तर प्रदेश)

गाजियाबाद में सड़कों पर बढ़ते शोर-शराबे और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को देखते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब उन मोटरसाइकिल चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो अपनी बुलेट या अन्य बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर पटाखों जैसी तेज आवाज निकालते हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे वाहनों की न केवल आरसी (पंजीकरण प्रमाण पत्र) निरस्त की जाएगी, बल्कि चालक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, पिछले कुछ समय से शहर की सड़कों पर बुलेट मोटरसाइकिल से पटाखों जैसी आवाज निकालने का चलन तेजी से बढ़ा है। कई युवा अपनी बाइकों में बदलाव कर ऐसे साइलेंसर लगवा रहे हैं, जिनसे तेज धमाकेदार आवाज आती है। यह न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम जनता को भी काफी परेशानी होती है। अचानक आने वाली तेज आवाज से राहगीर, बुजुर्ग और छोटे बच्चे घबरा जाते हैं, वहीं इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त के निर्देश पर गाजियाबाद में एआरटीओ प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक में बुलेट मोटरसाइकिल के डीलर, मोटर गैराज संचालक और वर्कशॉप मालिकों को बुलाया गया। बैठक में सभी को सख्त निर्देश दिए गए कि वे किसी भी हालत में ऐसे मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री या फिटिंग न करें, जो नियमों के खिलाफ हो।

अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि किसी डीलर या गैराज संचालक को इस तरह के साइलेंसर बेचते या लगाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी शामिल है। इसके अलावा लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन लोगों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा, जो इस तरह के अवैध बदलाव को बढ़ावा दे रहे हैं। यानी अब जिम्मेदारी सिर्फ वाहन मालिक की ही नहीं, बल्कि डीलर और मैकेनिक की भी तय की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि यह वाहन की मूल संरचना में भी बदलाव करते हैं, जो कि कानूनन गलत है। मोटरयान अधिनियम के तहत किसी भी वाहन में बिना अनुमति के बदलाव करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अभियान के तहत अब सड़कों पर विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ऐसे वाहनों की पहचान करेगी, जिनमें अवैध साइलेंसर लगे हैं। जांच के दौरान यदि कोई बाइक पटाखे जैसी आवाज निकालती पाई जाती है, तो मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। इसमें चालान काटने के साथ-साथ वाहन की आरसी भी रद्द की जा सकती है।

स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि रात के समय तेज आवाज करने वाली बाइकों से काफी परेशानी होती थी। कई बार अचानक आने वाली आवाज से छोटे बच्चे और बुजुर्ग डर जाते थे। ऐसे में यह कार्रवाई शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में मददगार साबित होगी।

वहीं, कुछ बाइक प्रेमियों का कहना है कि वे केवल शौक के लिए अपनी बाइकों में बदलाव करते हैं, लेकिन उन्हें भी अब नियमों का पालन करना होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून सभी के लिए समान है।

परिवहन विभाग का यह कदम न केवल ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाने में सहायक होगा। तेज आवाज से होने वाले हादसों की संभावना को कम करने के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।

अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के वाहनों की सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही, वाहन चालकों को भी जागरूक रहने और नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, गाजियाबाद में बुलेट मोटरसाइकिल से पटाखे जैसी आवाज निकालने के खिलाफ शुरू हुआ यह अभियान एक सख्त संदेश देता है कि अब नियमों की अनदेखी करना आसान नहीं होगा। जो भी व्यक्ति या संस्था इस नियम का उल्लंघन करेगी, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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