
ड्राइविंग सीखना पड़ा भारी: कैथल में ड्रेन में गिरी कार, 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत
समाचार क्यारी (हरियाणा, कैथल)
हरियाणा के कैथल जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक गरीब परिवार की उम्मीदों को पलभर में खत्म कर दिया। अंबाला रोड पर कार चलाना सीख रहे एक 19 वर्षीय युवक की उस समय मौत हो गई, जब उसकी गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर करीब 20 फुट गहरी ड्रेन में जा गिरी। इस हादसे ने न केवल एक युवा की जिंदगी छीन ली, बल्कि उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

मृतक युवक की पहचान राहुल के रूप में हुई है, जो अंबाला रोड स्थित झुग्गी बस्ती का रहने वाला था। राहुल का परिवार पिछले करीब 30 वर्षों से कैथल में रह रहा है और मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा करता है। परिवार के सदस्य सड़क निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं और राहुल भी इसी काम में हाथ बंटाता था। कम उम्र में ही उसने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल ली थीं।
मिली जानकारी के अनुसार, राहुल को गाड़ी चलाने का काफी शौक था। वह अपने काम के साथ-साथ कुछ नया सीखकर बेहतर भविष्य बनाना चाहता था। इसी सोच के साथ उसने करीब 15 दिन पहले एक पुरानी कार खरीदी थी, ताकि वह ड्राइविंग सीख सके और भविष्य में ड्राइवर के रूप में काम करके अच्छी कमाई कर सके।
राहुल रोजाना सुबह जल्दी उठकर अपने एक साथी के साथ ड्राइविंग की प्रैक्टिस करने जाया करता था। मंगलवार सुबह भी वह करीब 6 बजे घर से निकला, लेकिन उस दिन उसका साथी नहीं आया। इसके बावजूद राहुल ने अकेले ही प्रैक्टिस करने का फैसला किया और कार लेकर अंबाला रोड के पास स्थित ड्रेन के किनारे पहुंच गया।
सुबह करीब 7 बजे के आसपास, जब वह गाड़ी चला रहा था, तभी अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग में अनुभव की कमी और सड़क के किनारे की स्थिति के कारण वह गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर सीधे 20 फुट गहरी ड्रेन में जा गिरी। गिरते समय जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत मौके की ओर दौड़े।
घटनास्थल पर पहुंचने पर लोगों ने देखा कि कार ड्रेन में बुरी तरह फंसी हुई है और अंदर राहुल गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। कुछ ही देर में डायल 112 की टीम और सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहुल को कार से बाहर निकाला गया और तुरंत नागरिक अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, हादसा इतना गंभीर था कि राहुल को मौके पर ही जानलेवा चोटें लग चुकी थीं।
इस घटना के बाद राहुल के परिवार में कोहराम मच गया। उसके दादा नथू राम और अन्य परिजन अस्पताल पहुंचते ही फूट-फूटकर रोने लगे। बताया गया कि राहुल के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उसकी मां भी उसे दादा-दादी के पास छोड़कर चली गई थी। ऐसे में राहुल अपने बुजुर्ग दादा-दादी के सहारे ही जीवन बिता रहा था और परिवार का सहारा बना हुआ था।
राहुल के चाचा वीरेंद्र ने बताया कि वह एक मेहनती और जिम्मेदार लड़का था, जो अपने परिवार के लिए कुछ अच्छा करना चाहता था। ड्राइविंग सीखने के पीछे उसका मकसद भी यही था कि वह एक स्थायी रोजगार हासिल कर सके और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सके। लेकिन किसे पता था कि उसका यह सपना ही उसकी जिंदगी का आखिरी कदम बन जाएगा।
पुलिस ने मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सिटी थाना के जांच अधिकारी एएसआई राजीव कुमार के अनुसार, मृतक के दादा के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर इसे एक दुर्घटना माना जा रहा है।
यह हादसा कई सवाल खड़े करता है, खासकर उन युवाओं के लिए जो बिना उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा के वाहन चलाना सीखने लगते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइविंग सीखते समय किसी प्रशिक्षित व्यक्ति की मौजूदगी और सुरक्षित स्थान का चयन बेहद जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही या अनुभव की कमी जानलेवा साबित हो सकती है।
कैथल की यह घटना एक बड़ी सीख भी देती है कि जीवन में कोई भी नई चीज सीखते समय सावधानी और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। खासकर सड़क पर वाहन चलाना एक जिम्मेदारी भरा काम है, जिसमें छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
आज राहुल इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी कहानी उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आई है, जो जल्दबाजी या लापरवाही में अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। जरूरत है कि हम सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें और हर कदम सोच-समझकर उठाएं, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।




