
लिव-इन विवाद बना मौत की वजह? कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मी ने फंदा लगाकर दी जान, कई सवाल खड़े
समाचार क्यारी (हरियाणा, कुरुक्षेत्र)
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से एक चौंकाने वाला और रहस्यमयी मामला सामने आया है, जहां नगर परिषद थानेसर में कार्यरत एक सफाई कर्मी ने आत्महत्या कर ली। 30 वर्षीय रमन कुमार का शव उसके घर में फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों ने इस मामले में रमन की लिव-इन पार्टनर और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और भी उलझता नजर आ रहा है।

मृतक की पहचान रमन कुमार निवासी बहादुरपुरा के रूप में हुई है। हालांकि, वह पिछले कुछ समय से संतपुरा में एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। बताया जा रहा है कि रमन की शादी करीब चार साल पहले पुष्पा नाम की महिला से हुई थी, लेकिन किसी कारणवश उसकी पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। इसके बाद से रमन अकेले रह रहा था और बाद में वह एक अन्य महिला के साथ रहने लगा।
घटना के दिन जब आसपास के लोगों को घर से कोई हलचल नहीं दिखी, तो उन्हें शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था—रमन का शव रस्सी के सहारे फंदे से लटका हुआ था। इस खबर के फैलते ही आसपास के लोग और रिश्तेदार मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही थाना सुभाष मंडी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजहों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया है। मृतक के मामा शिव कुमार ने दावा किया है कि यह सुसाइड नोट रमन ने नहीं लिखा है। उनका कहना है कि नोट पर रमन के हस्ताक्षर नहीं हैं और उसकी लिखावट भी मेल नहीं खाती। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नोट रमन के साथ रहने वाली महिला ने ही लिखा है, ताकि मामले को अलग दिशा दी जा सके।
परिजनों के अनुसार, रमन पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में था। इसके पीछे मुख्य वजह एक मकान को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। मामा शिव कुमार ने बताया कि रमन जिस मकान में रह रहा था, वह उन्होंने ही उसे बनाकर दिया था। लेकिन आरोप है कि रमन की लिव-इन पार्टनर और उसके साथ काम करने वाला एक अन्य कर्मचारी इस मकान को बेचने के लिए उस पर दबाव बना रहे थे।
बताया गया कि मकान को लगभग 30 लाख रुपए में बेचने की बात भी तय कर ली गई थी और इसके लिए कागजी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। हालांकि, बाद में जब संभावित खरीदार को इस सौदे में गड़बड़ी का शक हुआ और उसे यह पता चला कि मकान वास्तव में रमन के मामा का है, तो उसने सौदा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलर भी पीछे हट गए।
परिजनों का आरोप है कि जब मकान नहीं बिक पाया, तो रमन को और ज्यादा परेशान किया जाने लगा। उसे नौकरी में अटेंडेंस और अन्य मुद्दों को लेकर भी दबाव में रखा गया। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि रमन मानसिक रूप से टूट गया और उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या रमन ने वास्तव में आत्महत्या की, या इसके पीछे कोई और साजिश है। सुसाइड नोट की सत्यता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे पुलिस के लिए जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
थाना सुभाष मंडी पुलिस चौकी के इंचार्ज अमित कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही, सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी जांच करवाई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे वास्तव में किसने लिखा।
यह घटना समाज में बढ़ते पारिवारिक और व्यक्तिगत विवादों की ओर भी इशारा करती है। लिव-इन रिलेशनशिप, संपत्ति विवाद और आपसी तनाव जैसे मुद्दे कई बार लोगों को मानसिक रूप से इतना कमजोर बना देते हैं कि वे गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते समाधान और मानसिक सहयोग बेहद जरूरी होता है।
रमन की मौत ने उसके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। उसके छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य अब अनिश्चित हो गया है, जबकि परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे चैन से नहीं बैठेंगे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी आरोपों को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है।
कुरुक्षेत्र की यह घटना न केवल एक व्यक्ति की मौत की कहानी है, बल्कि यह समाज के कई गंभीर मुद्दों को भी उजागर करती है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




