उत्तर प्रदेश

बनारस के सक्का घाट पर पुरानी रंजिश बनी जानलेवा, फूल-माला विक्रेता युवक की पीट-पीटकर हत्या

(समाचार क्यारी उतर प्रदेश वाराणसी)

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (आदमपुर थाना क्षेत्र) के सक्का घाट पर रविवार देर रात एक पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी से शुरू हुई बात इतनी बढ़ गई कि 18 वर्षीय युवक नीरज केवट की बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

दुकान लगाने के विवाद ने लिया हिंसक रूप

जानकारी के अनुसार, सक्का घाट पर रहने वाला नीरज केवट अपने परिवार के साथ घाट पर माला-फूल की दुकान लगाकर जीविका चलाता था। इसी काम को लेकर उसका पड़ोस में रहने वाले रवींद्र केवट और उसके परिवार से काफी समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार झड़प हो चुकी थी, लेकिन हर बार मामला किसी तरह शांत हो जाता था।

रविवार रात एक बार फिर दुकान लगाने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में केवल कहासुनी हुई, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।

लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और लात-घूंसे चलने लगे। इसी दौरान नीरज के सिर पर ईंट से जोरदार वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल अवस्था में नीरज जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही बेहोश हो गया। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची।

अस्पताल में हुई मौत

पुलिस ने गंभीर रूप से घायल नीरज को तुरंत मंडलीय चिकित्सालय भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया।

अस्पताल पहुंचते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना था कि अगर पुलिस पहले ही इस विवाद को गंभीरता से लेती, तो आज नीरज की जान बच सकती थी।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

मृतक के परिजनों ने बताया कि यह विवाद कोई नया नहीं था। उन्होंने पहले भी कई बार आदमपुर थाने और स्थानीय चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते उचित कार्रवाई की जाती, तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

कई लोगों पर हत्या का आरोप

मृतक के बड़े भाई धीरज केवट ने बताया कि इस घटना में कई लोग शामिल थे। उन्होंने रवींद्र केवट, किशन केवट, बसंत, कन्हैया, कल्लू, भरत, टकालू, रंजिता केवट और सुमन सहित अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है।

परिजनों का कहना है कि यह हमला सुनियोजित था और इसमें सभी आरोपियों की भूमिका थी। उन्होंने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

प्रभावशाली व्यक्ति पर भी शक

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद के पीछे क्षेत्र के एक प्रभावशाली नौका संचालक का हाथ है। उनका कहना है कि वह व्यक्ति लंबे समय से उन पर दबाव बना रहा था और इसी कारण विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था।

हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की जांच जारी है।

इलाके में तनाव का माहौल

इस घटना के बाद सक्का घाट क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

पुलिस की कार्रवाई

आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही, आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।

उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एक परिवार का उजड़ना

नीरज केवट की मौत से उसका परिवार पूरी तरह टूट गया है। 18 साल की उम्र में ही उसने अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली थी और माला-फूल बेचकर घर चलाने में मदद करता था। उसकी असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष

सक्का घाट पर हुई यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि छोटे-छोटे विवाद अगर समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे बड़े हादसों का रूप ले सकते हैं। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में समय पर हस्तक्षेप करे, ताकि किसी निर्दोष की जान न जाए।

नीरज केवट की मौत ने न केवल उसके परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे समाज के सामने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय दिलाया जाता है।

Back to top button