
मेरठ ट्रिपल डेथ मिस्ट्री: ‘जहरीली शराब’ के पीछे छिपी खौफनाक साजिश, बहन और प्रेमी पर भाई की हत्या का आरोप, दो बेगुनाह भी बने शिकार
समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश, मेरठ)
उत्तर प्रदेश के Meerut में सामने आया चर्चित ट्रिपल डेथ केस अब एक साधारण हादसे की कहानी नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसी साजिश के रूप में सामने आया है, जिसने रिश्तों की नींव तक हिला दी है। Daurala कस्बे में हुई तीन लोगों की मौत ने पहले पुलिस और प्रशासन को भी भ्रमित कर दिया था, लेकिन अब जो सच सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला और डरावना है।

शुरुआत में इसे जहरीली शराब से हुई मौत का मामला समझा गया था, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, यह साफ होता गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या की योजना का नतीजा है। इस मामले में मृतक की बहन और उसके प्रेमी पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने मिलकर एक व्यक्ति को मारने की साजिश रची, लेकिन उस साजिश में दो निर्दोष लोगों की भी जान चली गई।
प्यार, विरोध और फिर खतरनाक फैसला
पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे मामले की जड़ एक प्रेम संबंध है। मृतक अंकित उर्फ दौलत की बहन अलका का उसी इलाके के रहने वाले पवन उर्फ पोली के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था।
खासतौर पर अंकित को यह रिश्ता बिल्कुल मंजूर नहीं था। वह अपनी बहन के इस संबंध का खुलकर विरोध करता था और कई बार पवन को भी चेतावनी दे चुका था। यही विरोध धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि अलका और पवन के लिए यह एक बड़ी बाधा बन गया।
पुलिस का मानना है कि इसी विरोध को खत्म करने के लिए दोनों ने एक खतरनाक और आपराधिक रास्ता चुना।
साजिश की बुनियाद: शराब में जहर
जांच में सामने आया है कि अलका ने घर में रखी शराब में जहर मिला दिया। उसे पूरा भरोसा था कि अंकित शराब पीने का आदी है और वह इस शराब को अकेले ही पी लेगा।
यह योजना बेहद सोच-समझकर बनाई गई थी, ताकि किसी को इस पर शक न हो। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता, तो अंकित की मौत को एक सामान्य शराब पीने की घटना मान लिया जाता।
लेकिन किस्मत ने इस साजिश को एक अलग ही मोड़ दे दिया।
एक निशाना, तीन मौतें
घटना वाले दिन अंकित शराब की बोतल लेकर घर से बाहर निकला। रास्ते में उसकी मुलाकात बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र से हुई। तीनों ने साथ बैठकर शराब पीने का फैसला किया।
किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि शराब में जहर मिला हुआ है। जैसे ही उन्होंने शराब पी, कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जहरीले पदार्थ का असर इतना तेज था कि तीनों की मौत हो गई।
इस तरह, एक व्यक्ति को मारने की साजिश ने तीन लोगों की जान ले ली, जिनमें से दो का इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं था।
जांच में आया बड़ा मोड़
शुरुआत में पुलिस ने इस घटना को जहरीली शराब का मामला मानकर जांच शुरू की थी। लेकिन जब मृतकों के परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, तो कई ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने पुलिस को शक करने पर मजबूर कर दिया।
खासतौर पर अलका के बयानों में लगातार बदलाव ने पुलिस का ध्यान उसकी ओर खींचा।
बदलते बयान और बढ़ता शक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अलका पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बयान बदल रही थी। कभी वह खुद को पूरी तरह अनजान बताती, तो कभी घटना को सामान्य बनाने की कोशिश करती।
उसके बयानों में यह विरोधाभास पुलिस के लिए एक अहम सुराग बन गया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पुलिस की कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने पवन उर्फ पोली को हिरासत में लिया। इसके कुछ ही समय बाद अलका को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस इस मामले के हर पहलू को समझने की कोशिश कर रही है।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश को कब और कैसे अंजाम देने की योजना बनाई गई थी और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
जहर का रहस्य
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहर कहां से आया। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपियों ने जहर कैसे हासिल किया।
अधिकारियों का मानना है कि जहर के स्रोत का पता लगने से इस पूरे मामले की सच्चाई और स्पष्ट हो जाएगी। यह भी संभव है कि इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आए।
निर्दोषों की मौत से गहराया दुख
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि दो निर्दोष लोगों की भी जान चली गई। बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र इस साजिश का हिस्सा नहीं थे, लेकिन वे इसकी चपेट में आ गए।
उनके परिवारों के लिए यह घटना किसी त्रासदी से कम नहीं है। वे आज भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उनके अपनों की क्या गलती थी।
समाज के लिए सबक
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है। यह दिखाती है कि किस तरह व्यक्तिगत रिश्तों में तनाव और विरोध इंसान को अपराध की ओर धकेल सकता है।
रिश्तों में संवाद और समझदारी की कमी कई बार ऐसे खतरनाक परिणामों को जन्म देती है, जो न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करते हैं।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच हर पहलू से की जा रही है। शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का नतीजा है।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
निष्कर्ष
मेरठ का यह ट्रिपल डेथ केस एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना है, जिसने रिश्तों की सच्चाई और इंसानी सोच के अंधेरे पहलुओं को उजागर कर दिया है। एक प्रेम संबंध के कारण रची गई साजिश ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया।
यह घटना यह भी याद दिलाती है कि कोई भी अपराध हमेशा छिपा नहीं रह सकता। सच एक न एक दिन सामने आता ही है, और तब उसके परिणाम और भी ज्यादा गंभीर हो जाते हैं।




