
रामपुर में सिपाही पर पत्नी पर जानलेवा हमला करने का आरोप, चाकू से वार कर फरार—मामला दर्ज
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक सिपाही पर अपनी ही पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला करने का आरोप लगा है। इस घटना ने एक बार फिर से पुलिस महकमे की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जिस व्यक्ति पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, उसी पर इस तरह का आरोप लगा है।

यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के विष्णु विहार, किट प्लाई रोड का है। यहां रहने वाली अनीता यादव ने अपने पति विनय कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। विनय कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है और वर्तमान में मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे थाने में अपनी ड्यूटी निभा रहा है।
पीड़िता अनीता यादव के अनुसार, उसकी शादी विनय कुमार के साथ हुई थी, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए। पारिवारिक मतभेद धीरे-धीरे इतने बढ़ गए कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया। अनीता का कहना है कि इसी कानूनी विवाद के चलते उसका पति उससे नाराज रहने लगा और मन में दुश्मनी पाल ली।
अनीता ने अपनी शिकायत में बताया कि 28 मार्च को उसका पति विनय कुमार अचानक उसके घर पहुंचा। शुरुआत में दोनों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि विनय ने गुस्से में आकर अनीता के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसने बेरहमी से उसे पीटा और फिर चाकू निकालकर उस पर हमला कर दिया।
चाकू के वार से अनीता गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना के बाद आरोपी विनय कुमार वहां से फरार हो गया। काफी देर बाद जब अनीता को होश आया, तो उसने किसी तरह अपने फोन के जरिए अपने भाई को इस घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही अनीता का भाई मौके पर पहुंचा और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद अनीता ने हिम्मत जुटाकर सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर अपने पति के खिलाफ तहरीर दी।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी सिपाही विनय कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सिविल लाइंस कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों से अनुशासन और कानून का पालन करने की अपेक्षा करता है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटनाएं विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं।
घरेलू हिंसा के इस मामले ने यह भी दिखाया है कि समाज में आज भी कई महिलाएं अपने ही घर में असुरक्षित महसूस करती हैं। जब आरोपी कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि कानून का रखवाला हो, तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच विवाद पहले से ही चल रहा था और कई बार झगड़े की नौबत आ चुकी थी। हालांकि, इस बार मामला इतना बढ़ गया कि जानलेवा हमला हो गया।
फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी सिपाही के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और गुस्सा किस तरह खतरनाक रूप ले सकता है। साथ ही, यह भी जरूरी है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को जल्द न्याय मिले और दोषियों को सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।




