हरियाणा

शक, झगड़े और गुस्से का खौफनाक अंजाम: मेरठ में पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या, मासूम बेटी बनी गवाह

समाचार क्यारी(उत्तर प्रदेश, मेरठ)

मेरठ से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों में पनप रहे अविश्वास और गुस्से के खतरनाक परिणाम को उजागर कर दिया। यहां एक युवक ने अपनी ही पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। यह वारदात न सिर्फ क्रूर थी, बल्कि इसलिए भी ज्यादा भयावह बन गई क्योंकि इस पूरे घटनाक्रम की गवाह उनकी महज छह साल की बेटी बनी।

जानकारी के अनुसार, यह घटना मेरठ के एक इलाके में हुई, जहां मोहम्मद शाकिब अपनी पत्नी कौसर जहां और तीन बेटियों के साथ किराए के मकान में रहता था। शाकिब पेशे से ई-रिक्शा चालक है और परिवार का भरण-पोषण इसी काम से करता था। दोनों की शादी करीब सात साल पहले हुई थी और शुरुआत में उनका जीवन सामान्य ढंग से चल रहा था। लेकिन समय के साथ उनके रिश्ते में दरार आनी शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि पिछले करीब 15 दिनों से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। इस विवाद की जड़ शक था। कौसर जहां को अपने पति शाकिब पर किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध होने का संदेह था। इसी शक को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के परिवारों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। परिजनों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।

गुरुवार की रात भी दोनों के बीच कहासुनी हुई। बहस के बाद दोनों सो गए, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ। शुक्रवार की सुबह एक बार फिर विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान गुस्से में आकर कौसर जहां घर के अंदर दरी पर लेट गई। तभी शाकिब का गुस्सा चरम पर पहुंच गया और उसने एक खौफनाक कदम उठा लिया।

घर में मौजूद कागज काटने वाले कटर को उठाकर वह कमरे के अंदर गया, जहां उसकी पत्नी लेटी हुई थी। उसने पहले एक हाथ से पत्नी का मुंह दबाया और फिर दूसरे हाथ से कटर से उसका गला काट दिया। यह हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि कौसर जहां को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

इस पूरी वारदात को उनकी छह साल की बेटी सानिया ने अपनी आंखों से देखा। मासूम बच्ची के सामने ही उसके पिता ने उसकी मां की हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को डराया और कहा कि वह इस बारे में किसी को कुछ न बताए। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

घटना के कुछ समय बाद बच्ची रोने लगी, जिसकी आवाज सुनकर मकान मालिक की पत्नी मौके पर पहुंची। उन्होंने जब घर के अंदर का दृश्य देखा तो उनके होश उड़ गए। खून से लथपथ कौसर जहां जमीन पर पड़ी थी। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्ची से भी बात की, जिसमें उसने साफ-साफ बताया कि उसके पिता ने ही उसकी मां की हत्या की है।

पुलिस ने चतुराई दिखाते हुए मकान मालिक की मदद से आरोपी शाकिब को फोन कर घर बुलवाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। साथ ही हत्या में इस्तेमाल किया गया कटर भी पुलिस को सौंप दिया।

इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा कि एक पति अपनी पत्नी के साथ इतना क्रूर व्यवहार कर सकता है, वह भी सिर्फ शक के आधार पर।

यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। रिश्तों में भरोसे की कमी और बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप किस तरह से एक परिवार को बर्बाद कर सकते हैं, यह घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है।

सबसे दुखद पहलू यह है कि इस घटना का सबसे गहरा असर उन मासूम बच्चों पर पड़ा है, जिन्होंने अपने माता-पिता के बीच इस भयावह घटना को देखा और झेला। खासकर वह छह साल की बच्ची, जो इस पूरे अपराध की गवाह बनी, उसके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, मृतका के परिजनों में गहरा शोक और आक्रोश है। वे आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गुस्सा और शक अगर समय रहते काबू में न किए जाएं, तो वे किस हद तक इंसान को अंधा बना सकते हैं। रिश्तों में संवाद और विश्वास की कमी कई बार ऐसी दुखद घटनाओं को जन्म दे देती है, जिनका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है।

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