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हरियाणा के गांवों को मिलेगा नया रूप: 40 गांवों से शुरू होगी ‘मॉडल विकास’ योजना

समाचार क्यारी (हरियाणा)

हरियाणा में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल दौरे के दौरान यह घोषणा की कि राज्य के गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ‘मॉडल गांव’ बनाया जाएगा। इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 40 गांवों से की जाएगी, जिनमें विकास की एक नई तस्वीर देखने को मिलेगी।

इस पहल का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और ग्रामीण जीवन स्तर को शहरों के बराबर लाना है। मंत्री ने अधिकारियों, सरपंचों और गांव के प्रतिनिधियों के साथ कई अहम बैठकों में इस योजना का खाका प्रस्तुत किया। इन बैठकों में न केवल मौजूदा विकास कार्यों की समीक्षा की गई, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

मनोहर लाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार के अलावा सांसद निधि, विधायक निधि और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के जरिए भी संसाधन जुटाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समय में और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी हों।

इस योजना के तहत गांवों में आधुनिक और जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें ग्राम सचिवालय, व्यायामशाला, धार्मिक स्थल (शिवधाम), पक्की फिरनी, स्ट्रीट लाइट, स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, चारदीवारी, शौचालय, ई-लाइब्रेरी, तालाब और सीवरेज सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्राम पंचायतें अब अपनी वार्षिक योजना और बजट खुद तैयार करेंगी। इससे गांवों को अपने विकास की दिशा तय करने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। साथ ही, संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाने में भी आसानी होगी। पंचायतों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र में आय बढ़ाने के नए स्रोत तलाशें, ताकि विकास कार्यों के लिए बाहरी फंड पर निर्भरता कम हो सके।

इस दौरान उन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन बाधाओं की पहचान कर जल्द से जल्द समाधान निकालें। साथ ही जो काम पूरे हो चुके हैं, उनकी नियमित निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित करने को भी कहा गया, ताकि सुविधाएं लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहें।

एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि जहां विकास कार्यों के लिए जमीन की जरूरत होगी, उसकी व्यवस्था ग्राम पंचायतों को करनी होगी। सरकार वित्तीय सहायता देगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर सहयोग और सहभागिता भी जरूरी होगी। यह मॉडल ‘जनभागीदारी’ के सिद्धांत पर आधारित होगा, जिससे गांवों के लोग खुद अपने विकास में भागीदार बनेंगे।

मनोहर लाल ने यह भी भरोसा दिलाया कि यह योजना केवल 40 गांवों तक सीमित नहीं रहेगी। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे जिले की लगभग 395 ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में एक समान विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उन्होंने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन से जोड़ते हुए कहा कि हरियाणा को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और कोई भी पात्र व्यक्ति इससे वंचित नहीं रहना चाहिए।

इस योजना में पलायन रोकने पर भी खास जोर दिया जाएगा। गांवों में रोजगार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर लोगों को शहरों की ओर जाने से रोका जाएगा। इससे न केवल गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि शहरों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

बैठक में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस योजना को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। सभी ने एकमत से इस पहल को ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया।

कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह योजना गांवों के कायाकल्प की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में राज्य के सभी गांव आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर ‘मॉडल गांव’ बन सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधरेगा और विकास की एक नई मिसाल कायम होगी।

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