
अंबाला में सूना घर बना चोरों का आसान निशाना—नसीरपुर में ताले तोड़ लाखों के जेवर-नकदी पार
हरियाणा के अंबाला जिले के नसीरपुर गांव में हुई चोरी की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सूने मकान अपराधियों के लिए सबसे आसान निशाना बनते जा रहे हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में चोरों ने घर के ताले तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना उस समय हुई जब घर के मालिक अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में गए हुए थे।

पीड़ित रमेश कुमार, जो दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं, ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे वह अपनी पत्नी जसविंदर कौर के साथ शाहपुर गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां गए थे। उन्हें अंदेशा भी नहीं था कि उनकी गैरमौजूदगी में उनका घर चोरों के निशाने पर आ जाएगा।
रमेश कुमार ने बताया कि जब वे शाम करीब 4 बजे वापस लौटे, तो उनके घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ था। यह देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर देखा तो पूरा घर अस्त-व्यस्त पड़ा था। अलमारी के दरवाजे खुले हुए थे, बक्सों का सामान बाहर फैला हुआ था और बेड के नीचे रखे सामान को भी चोरों ने नहीं छोड़ा था।
पीड़ित परिवार के अनुसार, चोर घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लेकर फरार हो गए। हालांकि चोरी गए सामान की सटीक कीमत का आकलन अभी नहीं हो पाया है, लेकिन परिवार का कहना है कि नुकसान लाखों रुपये में है। यह उनके लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका है, क्योंकि यह सब उन्होंने वर्षों की मेहनत से जुटाया था।
घटना के बाद गांव में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है। दिन के समय इस तरह की घटना होना इस बात का संकेत है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से कुछ सुराग जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा, इलाके में सक्रिय संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह घटना किसी संगठित गिरोह का काम तो नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में पुलिस गश्त की कमी के कारण चोरों के हौसले बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नियमित गश्त बढ़ाई जाए और गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं हुआ, तो लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चोर आमतौर पर ऐसे घरों को निशाना बनाते हैं, जहां कुछ समय के लिए कोई मौजूद नहीं होता। वे पहले इलाके की रेकी करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि घर खाली है। इसके बाद मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देते हैं।
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठता है कि क्या लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सतर्क हैं। केवल ताले लगाकर घर छोड़ देना अब सुरक्षित विकल्प नहीं रह गया है। सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और पड़ोसियों के साथ संपर्क बनाए रखना आज के समय की जरूरत बन चुका है।
रमेश कुमार और उनका परिवार इस घटना के बाद गहरे सदमे में है। उन्होंने बड़ी मेहनत से जो कुछ भी इकट्ठा किया था, वह एक ही दिन में चोरी हो गया। परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और उनका सामान वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, इस तरह के मामलों में जांच में समय लगना आम बात है, क्योंकि चोर अक्सर वारदात के बाद इलाके से फरार हो जाते हैं।
यह घटना केवल एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि अंबाला के नसीरपुर गांव में हुई यह चोरी हमें सतर्क रहने का संदेश देती है। हमें अपनी और अपने आसपास की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना होगा, तभी इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।




