पंजाब

रिश्तों के भरोसे के पीछे छिपा खौफ—पांच महीने बाद खुला जालंधर हत्याकांड, घर में दफन मिला शव

पंजाब के जालंधर जिले से सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने इंसानी रिश्तों, भरोसे और अपराध की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। एक व्यक्ति की हत्या कर उसका शव आरोपी ने अपने ही घर में दफना दिया और करीब पांच महीने तक बिना किसी डर के सामान्य जीवन जीता रहा। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की और उसने इस खौफनाक सच्चाई को कबूल कर लिया।

मृतक की पहचान 45 वर्षीय अमरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो पिछले कई महीनों से लापता था। परिवार को शुरुआत में लगा कि वह किसी काम से बाहर गया होगा या किसी कारणवश संपर्क में नहीं आ पा रहा है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनकी चिंता बढ़ती चली गई। आखिरकार, परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद इस रहस्यमयी गुमशुदगी की जांच शुरू हुई।

शिकायत मृतक के भतीजे अमनप्रीत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी। उसने बताया कि उसका चाचा अमरजीत सिंह पिछले लगभग 20 वर्षों से गुरदेव सिंह नाम के व्यक्ति के साथ काम करता था। दोनों के बीच लंबे समय से परिचय और भरोसे का रिश्ता था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यही भरोसा एक दिन इतनी भयावह घटना में बदल जाएगा।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। जांच के दौरान गुरदेव सिंह का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया और उसने हत्या की पूरी कहानी बता दी।

आरोपी ने कबूल किया कि 13 नवंबर 2025 को किसी विवाद के चलते उसने अमरजीत सिंह की हत्या कर दी। हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी शव को छिपाना, ताकि किसी को इस अपराध की भनक न लगे। इसके लिए आरोपी ने अपने ही घर को चुना और बाथरूम के पास करीब 5 से 6 फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर दफना दिया।

इस पूरी योजना को इस तरह अंजाम दिया गया कि घर के आसपास रहने वाले लोगों को जरा भी शक नहीं हुआ। आरोपी सामान्य तरीके से अपनी जिंदगी जीता रहा और किसी को यह अंदाजा नहीं होने दिया कि उसके घर के अंदर इतनी बड़ी सच्चाई दफन है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर में खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान जब जमीन के अंदर से प्लास्टिक में लिपटा शव बरामद हुआ, तो वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। यह दृश्य इतना भयावह था कि हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।

शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, शव की पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए सैंपल भी लिए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि उससे और पूछताछ की जा सके और इस मामले के पीछे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस हत्या में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक व्यक्ति इतने लंबे समय तक एक हत्या को छिपाकर सामान्य जीवन कैसे जी सकता है। यह मामला समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अपराधी कितने शातिर हो सकते हैं।

मृतक के परिवार में इस घटना के बाद गहरा शोक और आक्रोश है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने एक सदस्य को खो दिया है और वे चाहते हैं कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

यह मामला पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती था, जिसे उन्होंने आधुनिक तकनीक और सतर्क जांच के जरिए सुलझाया। हालांकि, इस घटना ने यह भी दिखाया है कि अपराध को छिपाने के तरीके कितने जटिल और खतरनाक हो सकते हैं।

समाज के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह घटना हमें यह सिखाती है कि हमें अपने आसपास के लोगों और गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज करना कभी-कभी गंभीर परिणाम ला सकता है।

अंत में, जालंधर में सामने आई यह घटना न केवल एक जघन्य हत्या का मामला है, बल्कि यह इंसानी रिश्तों में छिपे अंधेरे पक्ष को भी उजागर करती है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि भरोसा और विश्वास जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सतर्कता और जागरूकता भी है।

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