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यमुनानगर के टायर प्लांट में तड़के लगी भीषण आग, 16 दमकल गाड़ियों ने घंटों बाद पाया काबू, करोड़ों के नुकसान की आशंका

(समाचार क्यारी हरियणा)

हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा सामने आया, जब मानकपुर इंडस्ट्रीज एरिया में एक टायर गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही समय में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और दूर-दूर तक आसमान में काले धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक गोदाम से उठती आग की लपटों और धुएं को देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गोदाम के अंदर रखा भारी मात्रा में टायर और ज्वलनशील सामग्री इसकी चपेट में आ गई।

यह टायर गोदाम मानकपुर इंडस्ट्रीज एरिया के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। बताया जा रहा है कि जिस फैक्ट्री में आग लगी, वह पिछले कुछ दिनों से बंद थी। जानकारी के मुताबिक, 21 तारीख से फैक्ट्री में कोई उत्पादन कार्य नहीं हो रहा था और ठेकेदार व ऑपरेटर भी बाहर गए हुए थे। मौके पर केवल कुछ मजदूर ही मौजूद थे, जिन्होंने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

गोदाम के अंदर बड़ी मात्रा में टायर और तेल के टैंक रखे हुए थे, जो आग लगने के बाद तेजी से भड़क उठे। ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और उसे नियंत्रित करना बेहद कठिन हो गया। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि आसपास के कई किलोमीटर दूर से भी इसे देखा जा सकता था।

फैक्ट्री मालिक ने इस घटना को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उनका कहना है कि फैक्ट्री बंद थी और अंदर कोई काम नहीं चल रहा था, ऐसे में अचानक आग लगना संदिग्ध प्रतीत होता है। उन्होंने आशंका जताई कि यह आग किसी की साजिश का परिणाम भी हो सकती है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। करीब 15 से 16 दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझाने में काफी समय लग गया, क्योंकि गोदाम में मौजूद टायर और तेल के कारण आग बार-बार भड़क रही थी।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिसके कारण आग ने और अधिक नुकसान पहुंचाया। उनका कहना है कि अगर समय रहते फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। वहीं, दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम तुरंत रवाना हो गई थी और उन्होंने पूरी तत्परता के साथ आग बुझाने का प्रयास किया।

घटना के दौरान गोदाम के अंदर रखे टायर पूरी तरह जलकर राख हो गए। साथ ही अन्य मशीनरी और सामग्री को भी भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस आग में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

राहत की बात यह रही कि इस भीषण आग में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद मजदूरों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। अगर फैक्ट्री चालू होती और अधिक लोग वहां मौजूद होते, तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था।

आग बुझाने के बाद भी इलाके में धुआं और गर्मी का असर काफी देर तक बना रहा। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आग दोबारा न भड़के।

प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम को लगाया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गोदाम में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद होती है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है।

कुल मिलाकर, यमुनानगर के मानकपुर इंडस्ट्रीज एरिया में लगी यह आग एक बड़ा हादसा साबित हुई है, जिसने करोड़ों रुपये के नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार किए जाते हैं।

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