
शक ने छीनी बेटे की जान, पिता बना कातिल
(समाचार क्यारी उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने ही बेटे की निर्मम हत्या कर दी। यह घटना रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली है, जिसमें एक बाप ने अपने 20 वर्षीय बेटे को केवल शक के आधार पर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी को अपनी पत्नी और बेटे के बीच अवैध संबंध होने का संदेह था, जिसके चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

घटना करेली थाना क्षेत्र की है, जहां शुक्रवार देर रात परिवार के भीतर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी, जो कि नशे का आदी बताया जा रहा है, अपने बड़े बेटे के साथ अक्सर झगड़ा करता रहता था। शुक्रवार की रात भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ती गई और हालात बिगड़ते चले गए।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान बेटे के कहने पर उसकी मां घर छोड़कर अतरसुइया स्थित अपने मायके चली गई थी। उस समय ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया है। इसके बाद घर में मौजूद तीनों बेटों ने खाना खाया और छत पर सोने चले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि रात में कुछ ऐसा हो जाएगा, जो पूरे परिवार को तबाह कर देगा।
आरोप है कि देर रात आरोपी ने अपने बड़े बेटे को नीचे बुलाया और उस पर हमला कर दिया। उसने जूसर के हैंडल से बेटे के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कमरे में ही छोड़ दिया और दरवाजे पर ताला जड़ दिया। इतना ही नहीं, उसने घर के मुख्य गेट को भी बाहर से बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया।
शनिवार सुबह जब अन्य बेटे छत से नीचे उतरे, तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद है और पिता घर में मौजूद नहीं है। शक होने पर उन्होंने अपनी मां को फोन किया और पूरी स्थिति बताई। मां के पहुंचने के बाद दरवाजा खोला गया और जब कमरे का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। उनका बड़ा बेटा जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। निकिता श्रीवास्तव, थाना प्रभारी आशीष सिंह और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी कराई और साक्ष्य जुटाए। परिजनों से पूछताछ के दौरान पारिवारिक कलह की बात सामने आई, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। इसके लिए दो टीमों का गठन किया गया। मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसे शक था कि उसके बेटे के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं, इसी कारण उसने बेटे की हत्या कर दी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी अपने छोटे भाई पर इसी तरह का शक करता था। इस वजह से परिवार में कई बार विवाद हो चुका था और अंततः उसका भाई घर छोड़कर अलग रहने लगा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की नशे की लत और संदेह की प्रवृत्ति ने इस घटना को जन्म दिया।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। मृतक के दोनों भाई अपने बड़े भाई की मौत से गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, मां का दुख शब्दों में बयान करना मुश्किल है। वह लगातार यही कहती रही कि अगर वह उस रात घर से न जाती, तो शायद उसका बेटा आज जिंदा होता। उसका यह दर्द हर किसी को भावुक कर रहा है।
इस घटना ने पूरे मोहल्ले को भी झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक पिता अपने ही बेटे के साथ इतना क्रूर व्यवहार कैसे कर सकता है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार में पहले भी विवाद होते थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह घटना समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि किस तरह शक और नशे की लत इंसान को इतना अंधा बना देती है कि वह सही-गलत का फर्क भूल जाता है। एक पिता, जो अपने बेटे का रक्षक होता है, वही उसका हत्यारा बन बैठा। यह मामला न केवल कानून के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि मानसिक संतुलन, विश्वास और पारिवारिक संवाद कितना जरूरी है।
कुल मिलाकर, प्रयागराज की यह घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है, जहां एक परिवार शक और गुस्से की भेंट चढ़ गया। अब सभी की नजरें न्याय प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।




