
112 पर मदद मांगना पड़ा भारी, पुलिस ने शिकायतकर्ता को ही बनाया शिकार
(समाचार क्यारी आगरा उत्तर प्रदेश)
आगरा के पिनाहट क्षेत्र से पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल करने वाले युवक को ही पुलिस ने बेरहमी से पीट दिया। घटना गांव देवगढ़ की है, जहां घरेलू विवाद के चलते युवक ने पुलिस को बुलाया था, लेकिन मदद की बजाय उसे ही गंभीर यातनाएं झेलनी पड़ीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी पंकज का अपने रिश्तेदार भोले के साथ ट्रैक्टर के बीमा को लेकर विवाद हो गया था। मामला बढ़ने पर पंकज ने 13 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि बार-बार कॉल करने से नाराज पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और पंकज को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गए।
आरोप है कि पुलिसकर्मी उसे घर से करीब दो किलोमीटर दूर एक सुनसान मैदान में ले गए, जहां दारोगा और अन्य जवानों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। मारपीट इतनी गंभीर थी कि पंकज के शरीर पर गहरे नीले निशान पड़ गए और वह बेहोश हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे वहीं छोड़कर चले गए।
काफी देर तक मैदान में पड़े रहने के बाद शाम को वहां खेलने पहुंचे बच्चों ने परिजनों को सूचना दी। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और पंकज को पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसकी हालत गंभीर होने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वह पिछले 14 दिनों से इलाजरत है।
परिजनों का कहना है कि पंकज अभी तक मानसिक रूप से इस घटना से उबर नहीं पाया है। होश में आते ही वह डर के मारे चिल्लाने लगता है और पुलिस से दोबारा मारपीट न करने की गुहार लगाता है। उसके शरीर पर पड़े चोट के निशान इस घटना की भयावहता को बयां कर रहे हैं।
यह मामला तब सामने आया जब 14 दिन बाद परिजनों ने घायल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
इसी बीच पिनाहट क्षेत्र में एक अन्य मामले में भी कार्रवाई हुई है, जहां नोटिस तामील कराने गए दारोगा केपी सिंह पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगा था। इस मामले में डीसीपी ने कार्रवाई करते हुए दारोगा को निलंबित कर दिया है।
पूरे मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच की मांग तेज हो गई है।




