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दिल्ली-NCR में मौसम का बदला मिजाज: गर्मी से राहत, बादलों की वापसी और बारिश के नए आसार

समाचार क्यारी (दिल्ली)

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से झुलसाती गर्मी और लू से परेशान लोगों को अब मौसम के इस बदलाव से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को भी मौसम कूल-कूल रहने की संभावना जताई गई है, जहां आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इस बदलाव ने न केवल तापमान को नीचे गिराया है बल्कि हवा की गुणवत्ता में भी सुधार किया है।

मौसम विभाग के अनुसार 30 अप्रैल को राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिन के दौरान हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना भी बनी हुई है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक भी दर्ज किए जा सकते हैं, जिससे मौसम और अधिक सुहावना हो जाएगा।

बुधवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सुबह करीब पांच बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश ने तापमान को तेजी से नीचे गिराया। रात से ही चल रही ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही ने गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के कारण धूल भरी आंधी का असर भी कम हो गया, जिससे वातावरण साफ और ठंडा महसूस हुआ।

हालांकि दिन बढ़ने के साथ मौसम में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। सुबह की सुहावनी ठंडक के बाद 10 बजे के आसपास फिर से मौसम थोड़ा गर्म होने लगा, लेकिन पहले की तुलना में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। इस बदलाव ने लोगों को काफी राहत पहुंचाई, खासकर उन लोगों को जो लगातार बढ़ती गर्मी से परेशान थे।

तापमान के आंकड़ों की बात करें तो बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले कुछ दिनों की तुलना में काफी कम है। इसके साथ ही आर्द्रता का स्तर भी काफी अधिक रहा, जहां अधिकतम आर्द्रता 88 प्रतिशत और न्यूनतम 39 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे वातावरण में नमी और ठंडक दोनों का मिश्रण देखने को मिला।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 28 से 29 अप्रैल की सुबह तक सफदरजंग मौसम केंद्र में 1.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं आया नगर क्षेत्र में 3.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की शुरुआती राहत भरी बारिशों में शामिल है। मंगलवार को भी दिल्लीवासियों को हल्की बारिश और बादलों के कारण गर्मी से राहत मिली थी, जिससे लगातार बढ़ रहा तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है, जिसने उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित किया है। इसके प्रभाव से न केवल तापमान में गिरावट आई है बल्कि हवा की गति और दिशा में भी बदलाव देखने को मिला है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि 1 और 2 मई को मौसम थोड़ा साफ हो सकता है, लेकिन इस दौरान तापमान फिर से बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसका मतलब है कि गर्मी एक बार फिर अपना असर दिखा सकती है। हालांकि 3, 4 और 5 मई को फिर से बादल छाने और हल्की बारिश के आसार हैं। इन दिनों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

इसके अलावा एक नया पश्चिमी विक्षोभ 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर धीरे-धीरे मैदानी इलाकों तक भी पहुंचेगा। इसका प्रभाव शाम या अगले दिन तक दिल्ली-एनसीआर में महसूस किया जा सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश का सबसे बड़ा फायदा वायु गुणवत्ता में सुधार के रूप में देखने को मिला है। तेज हवाओं और बारिश के कारण प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 183 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। यह मंगलवार की तुलना में लगभग 56 अंकों की गिरावट है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

हालांकि एनसीआर के कुछ इलाकों में हवा की गुणवत्ता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रेटर नोएडा में AQI 226 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं गाजियाबाद में 199, नोएडा में 192 और गुरुग्राम में 186 का स्तर दर्ज किया गया। दूसरी ओर फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत साफ रही, जहां AQI 157 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी में आता है।

सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के अनुसार हवा पूर्व दिशा से लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स और मिश्रण गहराई में भी सुधार देखा गया, जिससे प्रदूषक तत्वों के फैलाव में कमी आई।

शाम के समय पीएम10 का स्तर 196.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 का स्तर 62.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि हवा में प्रदूषण अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति पहले से बेहतर हुई है।

मौसम विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन का असर और अधिक दिखाई देगा। एक एआई आधारित अध्ययन के अनुसार भारत में अगले 20 वर्षों में हर साल 15 से 40 तक अतिरिक्त अत्यधिक गर्म दिन बढ़ सकते हैं। इसके अलावा 20 से 40 अतिरिक्त गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं।

यह अध्ययन जलवायु लचीलापन विश्लेषण और विजुअलाइजेशन इंटेलिजेंस सिस्टम (CRVIS) के माध्यम से किया गया है, जिसे हाल ही में लॉन्च किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कई हिस्सों में न केवल गर्म दिन बढ़ेंगे बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा।

इस पूरे मौसम बदलाव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जलवायु असंतुलन अब वास्तविकता बन चुका है। कभी अचानक बारिश, कभी तेज गर्मी और कभी तेज हवाएं—यह सब बदलते मौसम का हिस्सा बन चुके हैं।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए यह राहत भरा समय जरूर है, लेकिन यह भी संकेत है कि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कभी भी बदल सकता है। ऐसे में सतर्क रहना और मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देना जरूरी है।

फिलहाल लोगों को कुछ दिनों की राहत मिली है, लेकिन इसके बाद गर्मी फिर से अपना असर दिखा सकती है। इसलिए यह मौसम बदलाव एक अस्थायी राहत के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों का संकेत भी देता है।

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