उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, बारिश के पानी को लेकर झगड़े में युवती की हत्या

समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश,गोरखपुर)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक मामूली सा विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। बेलीपार क्षेत्र के भस्मा गांव में बारिश के पानी को लेकर शुरू हुआ झगड़ा हिंसक संघर्ष में बदल गया, जिसमें 21 वर्षीय युवती की जान चली गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस हद तक खतरनाक हो सकता है।

जानकारी के अनुसार, गांव में रहने वाले शिवधन प्रसाद के मकान से बारिश का पानी पड़ोसी सूबेदार के घर की दीवार पर गिर रहा था। सूबेदार की दीवार पहले से ही कमजोर और दरारों से भरी थी, ऐसे में पानी गिरने से नुकसान बढ़ने की आशंका थी। इसी वजह से उसने इस पर आपत्ति जताई। शुरू में यह केवल आपसी बातचीत और कहासुनी तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद ने तूल पकड़ लिया।

शुक्रवार की शाम दोनों पक्षों के बीच फिर से इसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से गाली-गलौज होने लगी और फिर मारपीट शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर भी फेंके, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

इसी दौरान आरोप है कि सूबेदार पक्ष की ओर से चाकू निकाला गया और हमला कर दिया गया। इस हमले में शिवधन प्रसाद की 21 वर्षीय बेटी श्रुति गंभीर रूप से घायल हो गई। वह बीच-बचाव करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन इसी दौरान वह चाकूबाजी की चपेट में आ गई। इसके अलावा एक अन्य युवक भी इस झगड़े में घायल हुआ है।

घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग तुरंत घायल श्रुति को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी और काफी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस खबर के फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि घटना के समय श्रुति के पिता शिवधन प्रसाद घर पर मौजूद नहीं थे, वे मुंबई में काम करते हैं। घर पर उसकी मां और भाई ही थे। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना के बाद आरोपी सूबेदार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी पत्नी को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। बेलीपार थाने के प्रभारी ने बताया कि अभी तक लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं मिली है, लेकिन जैसे ही तहरीर मिलेगी, मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर छोटी-छोटी बातों पर लोग इतना आक्रामक क्यों हो जाते हैं। बारिश का पानी गिरना एक सामान्य समस्या है, जिसे बातचीत और समझदारी से हल किया जा सकता था। लेकिन गुस्से और आपसी टकराव ने इसे इतना बड़ा रूप दे दिया कि एक निर्दोष युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी।

गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते किसी ने हस्तक्षेप किया होता या दोनों पक्ष शांत रहते, तो शायद यह घटना टल सकती थी। अब लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।

कुल मिलाकर, गोरखपुर की यह घटना यह साफ दर्शाती है कि गुस्से और असहिष्णुता के कारण कैसे एक छोटा सा विवाद बड़ी त्रासदी में बदल सकता है। यह समाज के लिए एक चेतावनी है कि ऐसे मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेना कितना जरूरी है, ताकि किसी की जान न जाए और परिवारों को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।

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