
इंदिरापुरम में दिल दहला देने वाला हादसा: क्लिनिक में चोरी करने घुसा नाबालिग शटर में फंसा, गर्दन दबने से मचा हड़कंप
समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश)
गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। अभय खंड इलाके में स्थित एक क्लिनिक में चोरी की नीयत से घुसने की कोशिश कर रहा 15 वर्षीय नाबालिग खुद ही एक खतरनाक हादसे का शिकार हो गया। शटर और दीवार के बीच फंसकर उसकी गर्दन इस कदर दब गई कि वह दर्द से कराहता रहा और बाहर निकलने की कोई कोशिश भी नहीं कर सका।

यह घटना बीते शनिवार सुबह की बताई जा रही है, जब अभय खंड स्थित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन शर्मा के क्लिनिक में स्टाफ रोज की तरह काम पर पहुंचा। लगभग 11 बजे जब कर्मचारियों ने क्लिनिक का शटर खोलने की कोशिश की, तो शटर सामान्य तरीके से नहीं उठा। पहले तो उन्हें लगा कि ताला या शटर में कोई तकनीकी खराबी है, लेकिन जब अंदर से हल्की कराहने और दर्द भरी आवाजें आने लगीं, तो माहौल अचानक डरावना हो गया।
शुरुआत में स्टाफ को लगा कि शायद कोई जानवर अंदर फंस गया है, लेकिन जब आवाजें लगातार तेज होने लगीं तो शक और बढ़ गया। इसके बाद डॉ. पवन शर्मा को सूचना दी गई और वह तुरंत मौके पर पहुंचे। क्लिनिक के पीछे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए।
क्लिनिक के अंदर एक 15 साल का लड़का शटर और दीवार के बीच बुरी तरह फंसा हुआ था। उसकी गर्दन शटर के किनारे और दीवार के बीच इस तरह दब गई थी कि वह न तो हिल पा रहा था और न ही ठीक से सांस ले पा रहा था। उसका शरीर आधा अंदर और आधा बाहर लटका हुआ था, जिससे स्थिति और भी भयावह लग रही थी।
स्थानीय लोगों और डॉक्टरों के अनुसार, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह लड़का देर रात या तड़के क्लिनिक में चोरी के इरादे से घुसने की कोशिश कर रहा था। संभवतः वह शटर के नीचे से अंदर घुसने का प्रयास कर रहा था, तभी अचानक शटर का वजन उसके ऊपर आ गया और वह उसमें फंस गया। इसी दौरान उसकी गर्दन शटर और दीवार के बीच दब गई और वह बाहर नहीं निकल सका।
इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कुछ ही समय में दोनों टीमें मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 20 मिनट तक चले इस बचाव अभियान में शटर को काटने और उठाने के लिए विशेष कटर और रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी से काम किया ताकि लड़के को और चोट न पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि बाहर निकालने के बाद उसकी हालत गंभीर थी। उसके चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान थे और वह दर्द से बेहाल था। उसे तुरंत नजदीकी संजय नगर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल उसकी हालत स्थिर है लेकिन निगरानी में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग इस बात से हैरान थे कि एक छोटा बच्चा इतनी खतरनाक स्थिति में कैसे फंस गया। कई लोगों ने इस हादसे को चोरी की गलत कोशिश का परिणाम बताया, जबकि कुछ ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की कमी से जोड़कर देखा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग अभी अस्पताल में इलाजरत है और उसके ठीक होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि लड़का अकेले आया था या उसके साथ कोई और भी था। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने पहले से इस क्लिनिक को क्यों चुना और क्या वह पहले भी ऐसी किसी घटना में शामिल रहा है।
पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है, क्योंकि नाबालिग का इस तरह से चोरी के प्रयास में शामिल होना एक चिंताजनक संकेत है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि वह किसी गिरोह या गलत संगत का शिकार हो सकता है, जो नाबालिगों को इस तरह के अपराधों में धकेल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही यह मामला नाबालिगों के अपराध की ओर बढ़ते रुझान पर भी सवाल खड़ा करता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और लड़के के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ एक चोरी की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या गैंग का हाथ था।
इस पूरी घटना ने इलाके में दहशत और चिंता दोनों बढ़ा दी है। एक तरफ जहां लोगों ने नाबालिग की हालत पर चिंता जताई है, वहीं दूसरी तरफ इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी छोटी उम्र में बच्चे अपराध की दुनिया की ओर क्यों बढ़ रहे हैं।
कुल मिलाकर, इंदिरापुरम की यह घटना न केवल एक हादसा है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि समय रहते नाबालिगों को गलत रास्तों से दूर रखना कितना जरूरी है, नहीं तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।




