
नोएडा में पंचायत बनी रणभूमि—पति-पत्नी के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-पत्थरों से टकराए दो पक्ष, 11 गिरफ्तार
समाचार क्यारी (उतर प्रदेश, नोएडा)
नोएडा के सेक्टर-44 स्थित कार्तिक कुंज सोसायटी के बाहर मंगलवार रात एक पारिवारिक विवाद उस वक्त हिंसक झड़प में बदल गया, जब पति-पत्नी के बीच चल रहे झगड़े को सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत ही बवाल का कारण बन गई। बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिश नाकाम रही और मामला इतना बिगड़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे और पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

यह विवाद एक साल पहले हुई शादी से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, नंदिनी नाम की युवती की शादी अर्जुन से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी। छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होने लगे और मामला धीरे-धीरे गंभीर होता चला गया। आरोप है कि पति अपनी पत्नी पर शक करता था, जिसके चलते दोनों परिवारों के बीच भी तनाव बढ़ गया।
मंगलवार को इस विवाद को खत्म करने के उद्देश्य से दोनों पक्षों ने पंचायत बुलाने का फैसला किया। सोचा गया था कि आपसी बातचीत से कोई समाधान निकल आएगा और रिश्तों में आई कड़वाहट खत्म हो जाएगी। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। जैसे ही बातचीत शुरू हुई, पुरानी बातें सामने आने लगीं और माहौल गरमाता चला गया।
कहासुनी जल्दी ही गाली-गलौज में बदल गई। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ ही देर में लोगों ने अपना आपा खो दिया। पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर लाठी-डंडे चलने लगे। आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
विवाद यहीं नहीं थमा। कुछ लोगों ने पत्थर उठाकर एक-दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर पत्थरों की बारिश होने लगी। इससे न सिर्फ मौके पर मौजूद लोग घायल हुए, बल्कि आसपास का माहौल भी दहशत में बदल गया। पत्थरबाजी के कारण सड़क पर यातायात भी बाधित हो गया और आने-जाने वाले लोग डर के मारे रुक गए।
घटना के दौरान कई स्थानीय लोग अपने घरों की खिड़कियों और बालकनियों से यह सब देख रहे थे। कुछ लोगों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। थोड़ी ही देर में ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू की। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया और स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
इस झड़प में कई लोग घायल हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों का इलाज कराया गया और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान सामने आए वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक महिला भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें अर्जुन, मनोज, बिंदर, सूरज और करन शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष से ललित, सुनील, तुषार, मंगल, सोनू और नंदिनी को भी हिरासत में लिया गया है। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की हिंसक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत जरूरी है, लेकिन अगर उसे सही तरीके से न संभाला जाए तो वह और बड़ा रूप ले सकता है। पंचायत जैसे मंच का उद्देश्य जहां विवादों को खत्म करना होता है, वहीं इस मामले में वही मंच हिंसा का कारण बन गया।
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं इलाके की शांति को भंग करती हैं और लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। कई लोगों ने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
कुल मिलाकर, नोएडा की यह घटना यह संदेश देती है कि विवाद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे सुलझाने के लिए संयम और समझदारी बेहद जरूरी है। गुस्से और आक्रोश में लिया गया एक गलत कदम हालात को और ज्यादा खराब कर सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से भले ही स्थिति नियंत्रण में आ गई हो, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी जरूर है।




