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भिवानी बस हादसा: जले शवों की पहचान मुश्किल, CID जवान होने की आशंका पर बेटे का DNA टेस्ट

समाचार क्यारी (हरियाणा )भिवानी

हरियाणा के भिवानी जिले में हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार रात भिवानी से हांसी की ओर जा रही एक निजी बस में अचानक भीषण आग लगने से दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। ऐसे में पुलिस अब डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

इस हादसे में मारे गए एक व्यक्ति के बारे में आशंका जताई जा रही है कि वह गांव बड़सी निवासी और सीआईडी विभाग में तैनात पुलिसकर्मी सुनील हो सकता है। हालांकि, शव की हालत इतनी खराब है कि उसकी शिनाख्त करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से पुलिस ने सुनील के बेटे का डीएनए सैंपल लिया है, ताकि जांच के बाद यह स्पष्ट हो सके कि मृतक वास्तव में वही है या नहीं।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार रात हांसी के गांव मिलकपुर के पास हुआ। बस भिवानी से हांसी की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई यात्री किसी तरह बस से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन दो लोग आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

इस हादसे के बाद से ही मृतकों की पहचान को लेकर संशय बना हुआ है। सीआईडी पुलिसकर्मी सुनील के परिजनों का कहना है कि वह सोमवार रात से लापता है। सुनील के भाई अनिल ने बताया कि वह रोजाना सरकारी बस से मिलकपुर तक आता था और वहां से अपनी कार लेकर घर पहुंचता था। लेकिन सोमवार शाम करीब 7:28 बजे के बाद से उसका मोबाइल फोन बंद है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

परिजनों ने यह भी बताया कि सुनील अक्सर हरिद्वार जाने की बात करता रहता था, इसलिए उन्हें अब भी उम्मीद है कि वह इस हादसे का शिकार नहीं हुआ होगा और सुरक्षित होगा। हालांकि, परिस्थितियां कुछ और ही संकेत दे रही हैं, जिसके चलते परिवार गहरे सदमे और अनिश्चितता में है।

इसी बीच एक अन्य परिवार भी भिवानी के अस्पताल पहुंचा है, जिनका एक सदस्य हिसार के एक निजी अस्पताल में कार्यरत है और वह भी सोमवार रात से लापता है। पुलिस को आशंका है कि बस में मिले दोनों शव इन्हीं दो लापता व्यक्तियों के हो सकते हैं। ऐसे में दोनों परिवारों के डीएनए सैंपल लेकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के 24 घंटे बाद भी इसके कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। जांच अधिकारी एएसआई नीर सिंह ने बताया कि फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि बस में आग आसमानी बिजली गिरने की वजह से लगी हो सकती है, लेकिन इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा बस के तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं आग किसी तकनीकी खराबी के कारण तो नहीं लगी।

यह हादसा न सिर्फ प्रशासन के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है। सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपातकालीन व्यवस्थाओं की कमी कई बार ऐसे हादसों को और भी भयावह बना देती है।

फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता मृतकों की पहचान सुनिश्चित करना और घायलों का बेहतर इलाज कराना है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोग कौन थे। वहीं, हादसे के कारणों का खुलासा भी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

इस दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अपनों की तलाश में भटकते परिजन और अस्पतालों के बाहर इंतजार करते लोग इस बात का प्रमाण हैं कि हादसे का असर कितना व्यापक है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले से पर्दा उठाएगी और सच्चाई सामने लाएगी।

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