उत्तर प्रदेश

शक, साजिश और सनसनीखेज हत्या—बागपत में चाचा ने भतीजे को गोली मारकर कुएं में फेंका, रिश्तों का खौफनाक अंत

समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश, बागपत)

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से सामने आया एक दिल दहला देने वाला मामला रिश्तों की नींव को हिला देने वाला है। यहां एक युवक की हत्या उसी के रिश्ते के चाचा ने कर दी, और हत्या के बाद शव को 60 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया। इस वारदात ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि शक और गुस्सा किस हद तक इंसान को अपराध की ओर धकेल सकता है।

 

यह पूरा मामला सिनौली गांव का है, जहां रहने वाले मुकुल नाम के युवक की दो दिन पहले रहस्यमय तरीके से गुमशुदगी हो गई थी। परिवार वालों को शुरू से ही शक था कि उसके साथ कुछ अनहोनी हुई है। जब मुकुल घर से बिना बताए चला गया और वापस नहीं लौटा, तो उसके भाई नकुल ने उसकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शुरुआती जांच में ही शक की सुई मुकुल के रिश्ते के चाचा मंजीत पर आकर टिक गई। परिवार का कहना था कि मंजीत का व्यवहार संदिग्ध था और वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था। पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की, तो धीरे-धीरे पूरे मामले का खुलासा हो गया।

पुलिस के अनुसार, मंजीत ने अपने भांजे के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने मिलकर मुकुल को घर से बुलाया और उसे खेत की ओर ले गए। वहां पहले उसे शराब पिलाई गई, ताकि वह नशे में आ जाए और किसी तरह का विरोध न कर सके। जब मुकुल पूरी तरह नशे की हालत में हो गया, तब मंजीत ने उसके सीने में गोली मार दी।

गोली लगते ही मुकुल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी घबरा गए और सबूत छिपाने के इरादे से उन्होंने शव को पास के खेत में बने एक 60 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।

दो दिन बाद जब खेत में बने कुएं से शव मिलने की सूचना मिली, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान मुकुल के रूप में की। इस दर्दनाक दृश्य ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने मंजीत को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भांजा अभी भी फरार है। पुलिस का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भांजे के पास ही है, इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है। कई टीमों को उसे पकड़ने के लिए लगाया गया है।

पूछताछ में मंजीत ने जो वजह बताई, वह और भी चौंकाने वाली है। उसने बताया कि उसे शक था कि मुकुल के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। मंजीत के अनुसार, मुकुल अक्सर उसके घर आता था और उसकी पत्नी से बातचीत करता था, जो उसे पसंद नहीं था। कई बार उसने मुकुल को इस बात को लेकर समझाया भी, लेकिन जब उसे लगा कि उसकी बात का कोई असर नहीं हो रहा, तो उसने हत्या की योजना बना ली।

इस शक ने मंजीत के मन में इतनी नफरत भर दी कि उसने अपने ही रिश्तेदार की जान ले ली। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि बिना ठोस सबूत के लगाया गया शक किस तरह एक बड़े अपराध का कारण बन सकता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंजीत का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह वर्ष 2012 में हुई एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। यह तथ्य इस मामले को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि इससे यह साफ होता है कि आरोपी पहले भी गंभीर अपराध कर चुका है।

मुकुल के परिवार की बात करें तो वह पहले से ही कई दुख झेल चुका है। पांच साल पहले उसके पिता प्रदीप की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिनका शव बड़ौत में मिला था। अब मुकुल की हत्या ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। घर में मां, छोटा भाई और दादा ही रह गए हैं, जबकि उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है।

मुकुल और मंजीत के बीच पहले अच्छे संबंध थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच दोस्ती भी थी और वे अक्सर साथ समय बिताते थे। खेती का काम भी साथ में करते थे। लेकिन यही रिश्ता धीरे-धीरे शक और अविश्वास की वजह से दुश्मनी में बदल गया।

इस घटना ने पूरे गांव में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक चाचा अपने ही भतीजे की इस तरह हत्या कर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह के विवादों को सुलझा लिया जाता, तो शायद यह घटना टल सकती थी।

पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और फरार भांजे की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा और पूरे मामले का चार्जशीट तैयार कर अदालत में पेश किया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में बढ़ती हिंसा और आपसी अविश्वास को कैसे रोका जाए। छोटी-छोटी बातों पर शक करना और उसे दिल में बैठा लेना कई बार बड़ी त्रासदी का कारण बन जाता है।

अंततः यह कहा जा सकता है कि यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों और बिखरते विश्वास की कहानी है। एक तरफ जहां एक परिवार अपने बेटे को खोने के दुख में डूबा है, वहीं दूसरी तरफ एक व्यक्ति अपने ही शक के कारण जिंदगी भर के लिए अपराधी बन गया। यह मामला समाज के लिए एक सीख है कि किसी भी रिश्ते में विश्वास और संवाद बनाए रखना कितना जरूरी है, वरना नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

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