
यूपी के 49 बस स्टेशन बनेंगे हाईटेक टर्मिनल, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार अब प्रदेश के 49 बस स्टेशनों को अत्याधुनिक बस टर्मिनल में बदलने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत यात्रियों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो अब तक केवल एयरपोर्ट या बड़े रेलवे स्टेशनों तक ही सीमित थीं।

इस महत्वाकांक्षी योजना में राजधानी लखनऊ का जानकीपुरम बस टर्मिनल भी शामिल है, जिसका निर्माण लंबे समय से प्रस्तावित था। अब परिवहन निगम ने इसे दूसरे चरण की परियोजना में शामिल कर लिया है, जिससे इसके निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जैसे ही इस पर मुहर लगेगी, वैसे ही काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) इस पूरी योजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत लागू करेगा। इसका उद्देश्य न केवल बस स्टेशनों का कायाकल्प करना है, बल्कि उन्हें व्यावसायिक रूप से भी विकसित करना है, ताकि उनकी आय बढ़े और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
पहले चरण में 23 बस स्टेशनों को विकसित करने की योजना बनाई गई थी, जिनमें लखनऊ के विभूतिखंड, चारबाग और अमौसी बस स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर निर्माण और सुधार कार्य पहले से ही चल रहा है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जैसे डिजिटल टिकटिंग सिस्टम, साफ-सुथरे वेटिंग एरिया, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और बेहतर पार्किंग व्यवस्था।
अब दूसरे चरण में 49 बस स्टेशनों को चिन्हित किया गया है, जिनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों और कस्बों के प्रमुख बस अड्डे शामिल हैं। इनमें फाउंड्रीनगर, हाथरस, इटावा, अमेठी, गोंडा, बलरामपुर, झांसी, उन्नाव, नोएडा, मुजफ्फरनगर, वाराणसी (काशी) और कई अन्य शहर शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर आधुनिक टर्मिनल बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों को आरामदायक बैठने की व्यवस्था, एसी वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट, शॉपिंग एरिया, होटल और साफ-सुथरे शौचालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जानकीपुरम बस टर्मिनल इस योजना का एक अहम हिस्सा है। इसके निर्माण के लिए जमीन पहले ही खाली कराई जा चुकी है। यह जमीन पहले अवैध कब्जों में थी, जिसे हटाकर परिवहन निगम को सौंपा गया। अब यहां एक भव्य और आधुनिक बस टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे शहर के यातायात पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इस नए टर्मिनल के बनने से कैसरबाग बस स्टेशन पर पड़ने वाला दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। वर्तमान में कैसरबाग बस स्टेशन पर रोजाना करीब एक हजार बसों का संचालन होता है, जिससे शहर के बीचोंबीच जाम की स्थिति बन जाती है। जानकीपुरम टर्मिनल के शुरू होने के बाद करीब 600 बसों को वहां शिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
इस परियोजना के तहत बनाए जाने वाले सभी बस टर्मिनल न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होंगे, बल्कि शहरों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन टर्मिनलों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव देना है, ताकि वे बस यात्रा को अधिक आरामदायक और सुरक्षित महसूस करें। साथ ही, यह कदम राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।




