
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का प्रचंड रूप: 22 से 24 अप्रैल के बीच लू का कहर, 43 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
समाचार क्यारी (दिल्ली)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में गर्मी लगातार अपने तेवर तीखे कर रही है। अप्रैल का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन तापमान ने पहले ही लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण लू का सामना करना पड़ सकता है।

रविवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के लिहाज से काफी अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसा दिया, जबकि रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिली। अब स्थिति यह है कि दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म होती जा रही हैं, जिससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच दिल्ली-एनसीआर का मौसम मुख्य रूप से गर्म और शुष्क बना रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। यानी आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं।
20 से 22 अप्रैल के बीच आसमान पूरी तरह साफ रहने की संभावना है, जिससे सूर्य की तेज किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा। इसके बाद 23 से 25 अप्रैल के बीच आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, लेकिन इससे गर्मी में कोई खास कमी आने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों के बावजूद उमस और गर्मी का असर बना रहेगा।
सबसे अधिक चिंता का विषय 22 से 24 अप्रैल के बीच का समय है, जब कई इलाकों में लू चलने की संभावना जताई गई है। लू यानी हीटवेव एक ऐसी स्थिति होती है, जब तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला जाता है और तेज, शुष्क हवाएं चलती हैं। इस दौरान बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। लू के कारण शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, थकावट और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक तक हो सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी जा रही है।
हवा की गति इस दौरान हल्की से मध्यम रहने की संभावना है और यह मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेगी। ये हवाएं गर्म और शुष्क होती हैं, जो तापमान को और अधिक बढ़ाने में योगदान देती हैं। इसी कारण दिन के समय गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। हालांकि इसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर पर सीमित रहेगा, लेकिन इसके चलते आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं। इसके बावजूद तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है और गर्मी का असर जारी रहेगा।
पिछले कुछ दिनों में तापमान में जो तेजी देखी गई है, वह आने वाले समय के लिए संकेत है कि मई और जून के महीनों में गर्मी और अधिक प्रचंड हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल गर्मी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण बदलता जलवायु पैटर्न और बढ़ता तापमान है।
इस भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
पानी और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है।
गर्मी का असर केवल स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि लोग कूलर और एयर कंडीशनर का अधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं पानी की खपत भी बढ़ रही है, जिससे कुछ इलाकों में पानी की किल्लत की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-एनसीआर के बाजारों और सड़कों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो जाती है, जबकि शाम के समय थोड़ी रौनक लौटती है। कामकाजी लोग भी अपने समय में बदलाव कर रहे हैं ताकि तेज धूप से बचा जा सके।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा। शुरुआती तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि गर्मी का असर लगातार बढ़ता रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां जैसे धूप से बचाव, पानी का अधिक सेवन और संतुलित आहार इस मौसम में बेहद जरूरी हैं। खासकर उन लोगों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, जो बाहर काम करते हैं या लंबे समय तक धूप में रहते हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिन गर्मी के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। लू और तेज धूप के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस बार गर्मी अपने चरम पर पहुंचने के संकेत दे रही है।
ऐसे में जरूरी है कि लोग समय रहते सावधानी बरतें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें। थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता इस भीषण गर्मी के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती है।




