
झुलसाती गर्मी पर ब्रेक—यूपी में बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश और बिजली गिरने का खतरा
समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश, लखनऊ)
उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों से जारी भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। अप्रैल के आखिरी दिनों में सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों ने हालात ऐसे बना दिए थे कि दोपहर में बाहर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं था। लेकिन अब मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में तेज हवाओं, बादलों और हल्की बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।

पिछले लगभग 15 दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ था। बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो न केवल प्रदेश बल्कि देश में भी सबसे अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह आगरा, प्रयागराज और हमीरपुर में भी पारा 44 डिग्री के पार रहा।
गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ा। सड़कों पर आवाजाही कम हो गई, बाजारों में भीड़ घट गई और दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों—जैसे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने—के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई।
अब इस स्थिति में बदलाव की वजह बना है पश्चिमी विक्षोभ, जो 27 अप्रैल से सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से हवा का रुख बदल रहा है और वातावरण में नमी बढ़ रही है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, 28 अप्रैल से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल जाएगा।
इस बदलाव की शुरुआती झलक सोमवार को ही देखने को मिली, जब ललितपुर और झांसी में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आई और लोगों को राहत महसूस हुई।
मंगलवार को प्रदेश के करीब 27 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं के कारण तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है।
जिन जिलों में तेज हवाओं का असर अधिक रहेगा, उनमें अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, इटावा और जालौन शामिल हैं। इन इलाकों में आंधी के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।
इसके अलावा कई जिलों में वज्रपात यानी बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, नोएडा और बुलंदशहर में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजधानी लखनऊ में भी मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। यहां हवा का रुख बदल गया है और पुरवा हवाएं चलने लगी हैं। इससे वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिसके कारण उमस महसूस हो रही है। हालांकि तापमान में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन चिपचिपी गर्मी ने लोगों को कुछ हद तक परेशान किया।
सोमवार को अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में बादलों की सक्रियता और बढ़ेगी, जिससे धूप की तीव्रता कम होगी और मौसम थोड़ा सुहावना बनेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, 28 से 30 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि लू का असर भी कम होगा। हालांकि नमी बढ़ने के कारण उमस और “फील लाइक” तापमान ज्यादा रह सकता है।
किसानों के लिए यह मौसम बदलाव राहत भरा हो सकता है, क्योंकि हल्की बारिश से फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं आम लोगों के लिए यह राहत की सांस लेने का मौका होगा। हालांकि तेज हवाओं और वज्रपात को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मौसम का यह बदलाव एक सकारात्मक संकेत है। भीषण गर्मी के बीच यह राहत लोगों के लिए बेहद जरूरी थी। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक से जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद है।
हालांकि मौसम के इस बदलाव के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। बिजली गिरने, तेज हवाओं और अचानक मौसम बदलने की स्थिति में सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर उपाय है।




