
मोबाइल नहीं मिला तो घर छोड़कर चला गया 9 साल का मासूम
बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत का उदाहरण, 9 वर्षीय बच्चा घर छोड़कर चला गया
मोबाइल की जिद में घर से निकला 9 वर्षीय बच्चा, पुलिस की तत्परता से सकुशल मिला
समाचार क्यारी | हिमांशु शर्मा | पंचकूला
आधुनिक दौर में बच्चों के बीच बढ़ती मोबाइल फोन की निर्भरता कई बार चिंताजनक स्थितियां पैदा कर रही है। ऐसा ही एक मामला पंचकूला में सामने आया, जहां मोबाइल फोन नहीं दिए जाने से नाराज होकर एक 9 वर्षीय बच्चा घर छोड़कर चला गया। हालांकि पंचकूला पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के चलते बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों से मिला दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 15 जून को पंचकूला निवासी 9 वर्षीय बच्चा अपने परिजनों द्वारा मोबाइल फोन नहीं दिए जाने से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गया था। बच्चे के अचानक लापता होने पर परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 16 जून को संबंधित थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। चौकी सेक्टर-16 प्रभारी भीम सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच करते हुए परिजनों और रिश्तेदारों से लगातार संपर्क बनाए रखा।
जांच के दौरान पता चला कि बच्चा पंचकूला में ही रहने वाली अपनी मौसी के घर पहुंच गया था। मौसी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि बच्चा घर से नाराज होकर बिना बताए आया है। पुलिस टीम ने दोनों परिवारों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद किया और उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चे के सुरक्षित मिलने पर परिवार ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
इस संबंध में सृष्टि गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में मोबाइल फोन के प्रति बढ़ता आकर्षण अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, उन्हें पर्याप्त समय देने और मोबाइल के उपयोग को संतुलित एवं नियंत्रित रखने की सलाह दी।
डीसीपी ने बच्चों से भी अपील की कि यदि किसी बात से नाराजगी हो या कहीं जाना हो तो बिना बताए घर से न निकलें। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को सूचित करना आवश्यक है। बच्चों की सुरक्षा परिवार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है तथा समय पर संवाद कई अप्रिय परिस्थितियों को रोक सकता है।




