
NIT कुरुक्षेत्र में फिर आत्महत्या, दो महीने में पांचवीं घटना से बढ़ी चिंता
समाचार क्यारी (हरियाणा, कुरुक्षेत्र)
हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) एक बार फिर आत्महत्या की घटना को लेकर चर्चा में आ गया है। सोमवार सुबह संस्थान के हॉस्टल परिसर में एक मेस कर्मचारी द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर सामने आई, जिससे पूरे कैंपस में सनसनी फैल गई। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने न केवल प्रशासन बल्कि छात्रों और कर्मचारियों को भी गहरी चिंता में डाल दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 6 बजे की है। हॉस्टल नंबर-4 की मेस में काम करने वाले कर्मचारी कौशल का शव मेस के पीछे बने हिस्से में फंदे से लटका हुआ मिला। जैसे ही अन्य कर्मचारियों और छात्रों की नजर इस पर पड़ी, उन्होंने तुरंत संस्थान प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले कौशल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से एनआईटी कुरुक्षेत्र की मेस में रोटी बनाने का काम कर रहा था। उसकी अचानक मौत की खबर से उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी और जानने वाले लोग स्तब्ध हैं।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में कौशल ने यह कदम उठाया। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इस बारे में भी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के साथ काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद ही कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट हो सकेंगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर भी मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
इस घटना ने इसलिए भी ज्यादा चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पिछले दो महीनों के भीतर यह पांचवीं आत्महत्या का मामला है। इससे पहले चार छात्र भी इसी संस्थान में आत्महत्या कर चुके हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने संस्थान के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं।
छात्रों के बीच भी इस घटना को लेकर भय और असहजता का माहौल है। कई छात्र मानसिक दबाव, पढ़ाई के तनाव और व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। वहीं, कुछ छात्रों का मानना है कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पर्याप्त सुविधाएं और जागरूकता की कमी हो सकती है, जिस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
हालांकि, संस्थान प्रशासन की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन लगातार बढ़ती घटनाओं के कारण प्रशासन पर दबाव जरूर बढ़ गया है कि वह इस मामले में गंभीरता से कदम उठाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करे।
इस बीच, थर्ड गेट पुलिस चौकी के इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं किसी भी संस्थान के लिए गंभीर संकेत होती हैं। यह जरूरी है कि संस्थान अपने छात्रों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे और उन्हें समय-समय पर काउंसलिंग और सहयोग प्रदान करे। इसके अलावा, एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनाना भी बेहद जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला या दबाव में महसूस न करे।
समाज के स्तर पर भी यह एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आत्महत्या जैसी घटनाएं केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय होती हैं। ऐसे में परिवार, दोस्त और संस्थान सभी को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए।
अंत में, यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। NIT कुरुक्षेत्र में लगातार हो रही आत्महत्याओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब समय आ गया है जब इस विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।




