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जम्मू-कश्मीर में मौसम का बदलेगा मिजाज: 3-4 मई को बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट

समाचार क्यारी (जम्मू,कश्मीर)

जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में 3 और 4 मई को मौसम काफी खराब रहने की संभावना है। इन दिनों राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि हो सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम सामान्य बना हुआ है और तापमान भी औसत के आसपास दर्ज किया जा रहा है। हालांकि 2 मई के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव शुरू हो जाएगा। 3 और 4 मई को यह बदलाव अपने चरम पर होगा, जब अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

पूर्वानुमान के अनुसार, इन दिनों कई इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जो किसानों और बागवानी से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

1 और 2 मई के दौरान मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की उम्मीद है। हालांकि दोपहर के समय कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इन दिनों आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जाएगा।

5 मई को भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। दोपहर के समय कुछ जगहों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। हालांकि 6 मई से मौसम में सुधार देखने को मिलेगा और 6 से 9 मई के बीच अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बौछारें जरूर पड़ सकती हैं, लेकिन कुल मिलाकर मौसम सामान्य रहेगा।

इसके बाद 10 और 11 मई को एक बार फिर दोपहर के समय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। यानी आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और बीच-बीच में बदलाव होता रहेगा।

तापमान की बात करें तो फिलहाल प्रदेश में तापमान सामान्य स्तर के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। जम्मू में हाल ही में अधिकतम तापमान लगभग 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान इस समय के हिसाब से सामान्य माना जा रहा है।

अन्य क्षेत्रों में भी तापमान में खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है। बनिहाल में अधिकतम तापमान करीब 24.8 डिग्री और न्यूनतम 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भद्रवाह में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री और न्यूनतम 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कटड़ा में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

कश्मीर घाटी की बात करें तो श्रीनगर में अधिकतम तापमान लगभग 25.7 डिग्री और न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में तापमान और भी कम रहा, जहां अधिकतम 19.6 डिग्री और न्यूनतम 5.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं गुलमर्ग प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम में इस बदलाव का असर पर्यटन और दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है। जहां एक ओर ठंडक बढ़ने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं बारिश और तेज हवाएं आवाजाही और बाहरी गतिविधियों में बाधा डाल सकती हैं। खासकर पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए भी यह मौसम मिश्रित प्रभाव वाला हो सकता है। जहां हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवाएं नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी करने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि 3 और 4 मई को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर सावधानी रखने और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में मौसम लगातार बदलता रहेगा। कभी बारिश तो कभी धूप, तो कभी तेज हवाएं—इन सबके बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

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