उत्तर प्रदेश

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मई का मिजाज, यूपी में ठंडक के बीच फिर गर्मी की दस्तक

समाचार क्यारी (उत्तर प्रदेश, लखनऊ)

उत्तर प्रदेश में इस बार मई का पहला सप्ताह सामान्य से अलग नजर आ रहा है। जहां हर साल इस समय तक तेज धूप और लू लोगों को बेहाल कर देती है, वहीं इस बार मौसम ने राहत भरा रूप दिखाया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी, बादल और तेज हवाओं के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे गर्मी का असर काफी हद तक कम हो गया है।

मौसम के इस अचानक बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह मौसमी तंत्र उत्तर भारत में समय-समय पर सक्रिय होता है और बारिश, आंधी तथा ठंडी हवाएं लेकर आता है। इसी के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है और लोगों को मई के महीने में ही फरवरी-मार्च जैसी ठंडक महसूस हो रही है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के हिसाब से बेहद कम है। इसी तरह बलिया में तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, ये आंकड़े पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड के करीब हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस बार मौसम ने असामान्य रूप से ठंडा रुख अपनाया है।

प्रदेश के लगभग 15 जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से कम है और लोगों के लिए राहत भरा साबित हुआ है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। बुंदेलखंड के उरई में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं हरदोई में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे रात के समय हल्की ठंडक महसूस की गई।

बारिश के आंकड़े भी इस मौसमीय बदलाव की पुष्टि करते हैं। पिछले 24 घंटों में कन्नौज में 54 मिमी, बलरामपुर में 52.6 मिमी और लखीमपुर खीरी में 51.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा बरेली में 29 मिमी और गोरखपुर में 23.8 मिमी बारिश हुई। इन बारिशों ने तापमान को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, फिलहाल यह ठंडा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। यानी, प्रदेश में एक बार फिर गर्मी अपना असर दिखाने लगेगी।

हालांकि, यह बढ़ती गर्मी ज्यादा समय तक कायम नहीं रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 4 मई से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बदलाव के कारण तापमान में फिर गिरावट आ सकती है और मौसम कुछ समय के लिए सुहावना बना रह सकता है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का यही हाल देखने को मिला। यहां दिन में धूप तो निकली, लेकिन उसकी तपिश कम रही। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार को यहां अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 4 मई से मौसम फिर बदलने के आसार हैं, जिससे गर्मी की तीव्रता कुछ कम हो सकती है।

मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर अचानक बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि लोग मौसम के अनुसार अपने खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करें।

कृषि क्षेत्र में भी इस मौसम परिवर्तन का असर देखने को मिल रहा है। जहां बारिश से कुछ फसलों को लाभ मिल सकता है, वहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। खासकर जिन किसानों की फसल अभी खेतों में है या कटाई के बाद खुले में रखी है, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव हो रहा है। यही वजह है कि अब मौसम पहले की तुलना में ज्यादा अनिश्चित और अस्थिर हो गया है। कभी अत्यधिक गर्मी तो कभी अचानक ठंडक—ऐसे बदलाव अब आम होते जा रहे हैं।

अतुल कुमार सिंह ने यह भी बताया कि मई के महीने में तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक हो सकती है। यानी, आने वाले समय में गर्मी का प्रकोप फिर तेज हो सकता है, खासकर जब पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होगा।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मई की शुरुआत भले ही ठंडी और राहत भरी रही हो, लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है। अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ेगा, फिर मौसम बदलेगा और यह सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के इस बदलते मिजाज के अनुसार सतर्क रहना होगा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

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