
दोस्ती के पीछे छिपा खौफनाक सच: रणजीत हत्याकांड में पत्नी के सामने टूटा परिवार, साइकिल पर फरार आरोपी दंपति की तलाश जारी
समाचार क्यारी (हरियाणा, पानीपत)
हरियाणा के पानीपत जिले के बापौली थाना क्षेत्र के बिहौली गांव में हुई एक निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 32 वर्षीय रणजीत की गला रेतकर हत्या कर दी गई और उसका शव खेत से बरामद हुआ। इस दर्दनाक घटना ने न केवल पुलिस को उलझन में डाल दिया है, बल्कि मृतक के परिवार को गहरे सदमे में भी धकेल दिया है। सबसे भावुक और दिल दहला देने वाला दृश्य तब सामने आया जब मृतक की पत्नी जसना देवी अपने पति का शव देखकर बेसुध होकर गिर पड़ीं।

रणजीत मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला था और रोजी-रोटी की तलाश में हरियाणा आया था। वह बिहौली गांव में एक खेत के पास रहकर काम करता था। गांव में वह एक शांत और मेहनती व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि उसका अंत इतनी भयावह तरीके से होगा।
यह घटना बीते सोमवार सुबह सामने आई जब खेत में काम करने वाले मजदूरों ने एक युवक का शव देखा। शव की हालत देखकर ही स्पष्ट था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। गले पर गहरे चोट के निशान मिले, जिससे यह पुष्टि हुई कि धारदार हथियार से उसकी हत्या की गई है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला एक सामान्य हत्या जैसा लगा, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, चौंकाने वाले खुलासे सामने आने लगे।
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति साइकिल पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ भागता हुआ दिखाई दिया। जांच में पता चला कि वही व्यक्ति विनोद है, जो मृतक रणजीत का करीबी साथी था। इसके बाद पुलिस ने इस हत्याकांड को दोस्ती के रिश्ते में छिपे विश्वासघात के रूप में देखना शुरू किया।
बताया जा रहा है कि हत्या में विनोद के साथ उसकी पत्नी भी शामिल थी। दोनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और बाद में पूरे परिवार के साथ फरार हो गए। यह बात सामने आते ही पुलिस के साथ-साथ ग्रामीण भी हैरान रह गए कि कोई व्यक्ति अपने ही साथी की इस तरह हत्या कैसे कर सकता है।
तीन दिन बाद बुधवार को मृतक की पत्नी जसना देवी अपने दो बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बिहार के पूर्णिया से पानीपत पहुंचीं। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में जैसे ही उन्होंने अपने पति को देखा, उनका संतुलन बिगड़ गया और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन परिवार का दर्द बेहद गहरा था।
जसना देवी ने पुलिस को बताया कि उन्हें विनोद नाम के किसी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पति कभी किसी विवाद में नहीं रहे और हमेशा शांत स्वभाव से जीवन जीते थे। ऐसे में उनकी हत्या क्यों और किस वजह से की गई, यह समझ से परे है।
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। आरोपी विनोद और उसकी पत्नी की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि दोनों ज्यादा दूर नहीं गए हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, रणजीत मेहनती और कम बोलने वाला व्यक्ति था। वह ज्यादातर समय काम में व्यस्त रहता था और किसी से ज्यादा मेल-जोल नहीं रखता था। ऐसे में उसकी हत्या ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि उसका कोई करीबी दोस्त ही उसका दुश्मन बन सकता है।
इस घटना ने रिश्तों की सच्चाई पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति पर भरोसा किया गया, वही उसकी मौत का कारण बन गया। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि कभी-कभी सबसे करीबी रिश्तों में भी धोखा छिपा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे किसी व्यक्तिगत विवाद या घरेलू तनाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अभी तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। आरोपी पकड़े जाने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
घटना के बाद से मृतक का परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक सच्चाई को स्वीकार करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दुख इतना गहरा है कि शब्द कम पड़ रहे हैं।
इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि इतनी बड़ी वारदात के बाद आरोपी आसानी से कैसे फरार हो गए और अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं।
सीसीटीवी फुटेज इस केस में सबसे अहम सबूत बनकर सामने आया है। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर रही है। माना जा रहा है कि साइकिल से फरार होने के कारण वे ज्यादा दूर नहीं गए होंगे और किसी ग्रामीण इलाके में छिपे हो सकते हैं।
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि विश्वासघात और टूटे हुए रिश्तों की दर्दनाक कहानी है। एक तरफ दोस्ती का रिश्ता था, दूसरी तरफ उसी रिश्ते में छिपा हुआ खून का खेल सामने आया। इसने पूरे इलाके को हिला दिया है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस हत्याकांड का पूरा सच सामने आएगा। लेकिन तब तक रणजीत का परिवार न्याय की उम्मीद में बैठा है और समाज एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर है कि भरोसे का अंत इतना दर्दनाक कैसे हो सकता है।




