
फतेहाबाद में दर्दनाक हादसा या साजिश? तेज रफ्तार कार ने मां-बेटी को मारी टक्कर, 86 वर्षीय महिला की मौत, रंजिश के आरोप से मामला गरमाया
समाचार क्यारी (हरियाणा, फतेहाबाद)
हरियाणा के फतेहाबाद शहर में बीघड़ रोड स्थित हरनाम सिंह कॉलोनी के पास मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक तेज रफ्तार सफेद कार ने सड़क किनारे सब्जी खरीद रही मां-बेटी को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद जहां एक ओर परिवार में मातम छा गया, वहीं दूसरी ओर इस मामले ने रंजिश के आरोपों के चलते नया मोड़ ले लिया है।

मृतका की पहचान 86 वर्षीय शांति देवी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गांव बनगांव की रहने वाली थीं। वे फतेहाबाद के हरनाम कॉलोनी क्षेत्र में बनी झुग्गियों में अपनी बेटी के साथ रह रही थीं। उनकी बेटी कांता देवी, जो सिरसा जिले के गांव मोरीवाला की रहने वाली है, कुछ दिनों के लिए अपनी मां के पास आई हुई थी। दोनों मंगलवार शाम को रोजमर्रा की तरह सब्जी खरीदने के लिए सड़क किनारे लगी रेहड़ी पर पहुंची थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही दोनों सब्जी खरीद रही थीं, तभी अचानक एक सफेद रंग की तेज रफ्तार कार वहां आई और सीधे उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों महिलाएं हवा में उछलकर सड़क पर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कार चालक वहां से फरार हो गया।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने शांति देवी को मृत घोषित कर दिया। उनकी बेटी कांता देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। उसके पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे पहले अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन बाद में परिजन उसे एक निजी अस्पताल में ले गए।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि इसे जानबूझकर अंजाम दिया गया है। परिजनों ने दावा किया है कि कार चालक ने एक नहीं, बल्कि दो बार टक्कर मारी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह हादसा नहीं बल्कि साजिश है।
मृतका के पोते पारसनाथ ने मीडिया के सामने आकर आरोप लगाया कि यह घटना रंजिश का परिणाम हो सकती है। उन्होंने कहा कि परिवार की कुछ लोगों से पुरानी दुश्मनी चल रही थी और इसी के चलते उनकी दादी को निशाना बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कार चालक ने जानबूझकर दो बार टक्कर मारी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि घटना पूर्व नियोजित थी।
परिवार ने पुलिस प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के बाद से आरोपी कार चालक फरार है, लेकिन पुलिस ने अब तक उसकी गिरफ्तारी में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसी को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है।
परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे मृतका का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस बयान ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीघड़ रोड पर तेज रफ्तार वाहनों की समस्या पहले से ही गंभीर है। कई बार यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में कार की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपी चालक का कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। यदि रंजिश या जानबूझकर टक्कर मारने की बात सही पाई जाती है, तो इसे हत्या का मामला माना जाएगा।
घटना के बाद अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शांति देवी के निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है, जबकि घायल कांता देवी की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है।
इस घटना ने पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिनदहाड़े इस तरह की घटना कैसे हो सकती है और आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह वास्तव में रंजिश का मामला है, तो यह बेहद गंभीर अपराध है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। साथ ही सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने की मांग की जा रही है।
यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं रह गई है, बल्कि अब यह एक संदिग्ध साजिश के रूप में देखी जा रही है। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह वाकई दुर्घटना थी या जानबूझकर की गई हत्या की कोशिश।
फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले की परतें खुलने की उम्मीद है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शहरों में सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि निर्दोष लोग सरेआम निशाना बन रहे हैं। अब सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।




